SIR विवाद के बीच दोबारा बंगाल चुनाव की मांग, EC ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
ममता बनर्जी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
EC in Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में TMC सांसद डेरेक ओब्रायन ने याचिका दायर करते हुए 31 विधानसभा सीटों पर दोबारा चुनाव की मांग की थी. उनका दावा था कि 31 सीटों पर चुनाव में जीत का मार्जिन SIR में हटाए गए नामों की संख्या से कम है. जिसको लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब पेश किया है. चुनाव आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल SIR ट्रिब्यूनल के पास अभी भी 37 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित हैं. आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो एसआईआर में हटाए गए नामों का चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ा है.
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता डेरेक ओब्रायन सिर्फ उन्हीं सीटों की बात कर रहे हैं. जहां उनकी पार्टी चुनाव हार गई है. TMC ने भी ऐसी 21 सीटों में जीत हासिल की है जहां वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी. इस दौरान चुनाव आयोग ने 31 सीटों पर चुनाव रद्द करने की मांग को संवैधानिक दृष्टि से गलत बताया है.
38 लाख से ज्यादा अपीलें दाखिल
चुनाव आयोग ने बताया कि ट्रिब्यूनल के सामने लगभग 38 लाख 31 हजार अपीलें दाखिल हुई थीं. जिसमें से 22 लाख 21 हजार अपीलें उन लोगों की हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे. जबकि बची हुई 16 लाख 10 हजार अपीलों वाले जो मतदाता सूची में नाम शामिल करने का विरोध कर रहे थे. उन्होंने इस चुनाव में मतदान किया है. यही वजह है कि अपील ट्रिब्यूनल के सामने सिर्फ 22 लाख 31 हजार लोग ही पहुंचे हैं.
ये भी पढ़ेंः दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान बवाल, मंत्री प्रवेश वर्मा ने युवक को जड़ दिया थप्पड़, भड़के केजरीवाल
ECI ने दिया ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
चुनाव आयोग ने इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपीलों को निपटाने के लिए ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. चुनाव आयोग ने कहा कि हर लोकसभा सीट हिसाब से अपील ट्रिब्यूनल बनाया जाए. चुनाव परिणाम की आपत्ति के लिए संविधान में अनुच्छेद 329(b) का इस्तेमाल करते हुए हाई कोर्ट में अपील कर सकें. सीधे सुप्रीम कोर्ट से चुनाव रद्द करने की मांग असंवैधानिक है. हालांकि, चुनाव आयोग के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया है.