कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल थे 2873 आरोपी? दिल्ली पुलिस का दावा- 101 पर दर्ज है हत्या का मुकदमा
दिल्ली पुलिस का दावा- कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए 2873 आरोपी
Delhi Police CJP Protest Claim: जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में आए लोगों का दिल्ली पुलिस ने रिकॉर्ड निकाला है. जिसमें दावा किया कि प्रदर्शन में हत्या के 101 आरोपी शामिल हुए थे. इस दौरान 2873 लोगों को चिंहित किया गया है. जिनका आपराधिक रिकॉर्ड मिला है. प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी. जिसमें करीब 118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे. इस झड़प के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान जुटाई, जिसमें कई आरोपी देखे गए.
दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन के दौरान 2873 लोग क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले पाए गए. जिनमें से 989 लोगों पर गंभीर मामले दर्ज थे. पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और अन्य तकनीकी माध्यमों से की गई. जिसमें हत्या, यौन अपराध, पॉक्सो, लूट समेत अन्य गंभीर मामलों के आरोपी शामिल पाए गए. हालांकि, अब प्रदर्शन खत्म हो गया है.
20 जुलाई को हुई थी झड़प
बता दें, प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई 2026 को सीजेपी ने संसद चलो मार्च निकाला था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. इसके बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे, बल्कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अडे़ रहे. हालांकि, 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया. प्रदर्शन खत्म होने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता ने सरकार से मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर लगे मुकदमों को वापस किया जाए और उन्हें जेल से छोड़ा जाए. सीजेपी के अनुसार, सरकार ने उनकी बातों को मान लिया है.
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सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
इस घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश भर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा हैं, और देश भर में सार्वजनिक प्रदर्शनों और विरोध-प्रदर्शनों पर पुलिस की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल की आवश्यकता है.