व्यापारी के बैंक खाते में करोड़ों की नकदी जमा, फिर आया 44 लाख का इनकम टैक्स नोटिस, कैसे मिली राहत?
इनकम टैक्स (File Photo)
Income Tax: कबाड़ के कारोबार करने वाले एक युवक जो इनकम टैक्स विभाग ने 44 लाख रुपए का नोटिस थमा दिया था, जबकि युवक वाजीद खान ने अपनी सालाना आय 3 लाख रुपए इनकम टैक्स रिटर्न में फाइल किया था. हालांकि, पुणे की आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने व्यापारी को राहत दिलाई. अगर आप भी बैंक में कैश पैसे जमा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है.
क्या है मामला?
कबाड़ कारोबारी वाजीद खान पिछले करीब 10-12 सालों के व्यापार कर रहे हैं. साल 2015-16 के दौरान सहकारी बैंक खाते में करीब 1.28 करोड़ रुपए जमा किए, जबकि सालाना आय सिर्फ 3 लाख रुपए दिखाई. आयकर विभाग ने उसके खाते के आधार पर 44 लाख रुपए का नोटिस भेज दिया. नोटिस देखते ही व्यापारी डर गया और वह पुणे की आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण पहुंच गया.
वित्तीय रिकॉर्ड नहीं पेश कर पाया था व्यापारी
वहां व्यापारी ने बताया कि कबाड़ के धंधे में नकद लेन -देन करना आम बात है. यह परी रकम कुल खरीद-बिक्री की होती है. व्यापारी वाजीद खान आयकर के अधिकारियों के सामने वित्तीय रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके. अधिकारियों को बताया कि कंप्यूटर में वायरल आने की वजह से हाई ड्राइव क्रैश हो गई, जिससे अकाउंटिंग का सारा डेटा और बिल डिलीट हो गया. हालांकि, व्यापारी की दलील को अधिकारियों ने खारिज कर दिया और इस आय को अघोषित मान लिया. लेकिन व्यापारी ने हार नहीं मानी और वह न्यायालय के पास पहुंच गया.
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ITAT से मिली राहत
वाजीद खान ने न्यायालय में अपील के दौारन टैक्स इतिहास को अपना हथियार बनाया और कई साल पुराने टैक्स को पेश किया. आयकर विभाग ने भी पिछले साल के उनके कबाड़ बिजनेस और 8 प्रतिशत प्रॉफिट वाले मॉडल को सही माना था. फिलहाल, ITAT ने टैक्स विभाग के पुराने आदेश को रद्द कर दिया है और मामले को दोबारा नए सिरे से विचार करने के लिए असेसिंग ऑफिसर के पास भेज दिया है. व्यापारी ने ITAT के फैसले के बाद राहत की सांस ली.