‘वोट चोरी’ के आरोपों पर राज-उद्धव ठाकरे का शक्ति प्रदर्शन, चुनाव आयोग के खिलाफ मुंबई में मार्च
चुनाव आयुक्त के खिलाफ उतरे राज और उद्धव ठाकरे
Mumbai Shiv Sena mns Protest: देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को देखने को मिल रहा है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी कड़ी में मुंबई में रविवार को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ MNS प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ने मार्च निकाला.दोनों नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और वोटिंग मशीनों को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उद्धव की शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की मनसे पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है.
राज ठाकरे ने कहा कि वह 2017-18 से ही चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी, राहुल गांधी समेत कई नेताओं से मुलाकात की और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखीं. राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या और मतदान में कथित बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाया.
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में लोकसभा चुनाव की तुलना में करीब एक करोड़ ज्यादा वोट कैसे पड़े, इसकी जांच होनी चाहिए. राज ठाकरे ने यह भी कहा कि चुनाव इस तरीके से नहीं कराए जा सकते हैं. मतदान प्रक्रिया में कुछ न कुछ गड़बड़ी जरूर है.
#WATCH | Mumbai: MNS chief Raj Thackeray and Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray arrive to lead a joint protest march against the Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. https://t.co/DsdYBIm18G
— ANI (@ANI) October 4, 2026
SIR को लेकर भी उठाए सवाल
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में हुए SIR यानी Special Intensive Revision को रद्द करने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान 40 से 60 लाख मतदाता जोड़े गए. अब SIR के जरिए करीब दो करोड़ लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से दिल्ली जाकर SIR रद्द कराने की मांग करने की अपील की. साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई.
उद्धव भी चुनाव आयोग पर जमकर बरसे
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की नियुक्ति में पहले मुख्य न्यायाधीश की भूमिका थी, लेकिन बाद में व्यवस्था में बदलाव किया गया. उद्धव ने पूछा कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई? चुनाव आयोग की जवाबदेही कैसे तय होगी.
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि देशभर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है. बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर है.
दोनों नेताओं ने कहा कि जनता को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि सरकार कौन बनाएगा और सरकार किस तरह चलेगी. उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देने की मांग की.
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