‘छात्र आंदोलन में कुछ लोग राजनीति कर रहे, UP-बिहार के लोगों के साथ…’, CM हेमंत ने परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर क्या कहा?

Jharkhadn Exam Irregularity Student Protest: सीएम हेमंत ने कहा कि JPSC से लेकर CGL तक की परीक्षाओं लखनऊ की एक कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर गड़बड़ी की है.
Hemant Soren

हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

CM Hemant Soren Student Protest Statement: झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने सदन में कहा कि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की पूरी जांच कराई जाएगी. हालांकि छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं. सीएम के संबोधन के तुरंत बाद ही विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है. पढे़ं सीएम हेमंत सोरेन ने क्या कहा?

सीएम हेमंत ने इस दौरान सभी को भरोसा दिलाते हुए कहा कि JPSC से लेकर CGL तक की परीक्षाओं को लेकर सदन में तरह-तरह की बातें आई हैं. लखनऊ की एक कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में परीक्षाओं में गड़बड़ी की है. भाजपा चाहे जितना हल्ला कर ले, सरकार अपना काम कर रही है. सीएम ने कहा कि जिस TDPL कंपनी ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं करवाई थीं. उन सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी.

सीएम सोरेन ने कहा, “हमने सदन को चलाने की पूरी कोशिश की. आपने देखा कि सदन में नोट उछाले और दिखाए गए. ये वही नोट हैं जो यहां उनकी (BJP) मौजूदगी और उनकी राजनीति का आधार हैं. आप सभी जानते हैं कि जब से BJP सत्ता में आई है तब से गरीबों, जरूरतमंदों और आप जैसे युवाओं की जेब से पैसा कैसे निकाला जा रहा है. आज आपने देख लिया कि वह पैसा असल में कहां जा रहा है.”

विपक्ष के हर सवाल का जवाब है मेरे पास: CM

उन्होंने आगे कहा, “युवाओं के भविष्य को लेकर राज्य सरकार जिस संकल्प के साथ काम कर रही है, वह आप सभी के सामने है. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से लाखों छात्र अपनी नौकरी और रोजगार खो रहे हैं. छोटे, मध्यम और बड़े कारोबार बंद हो रहे हैं तो रोजगार कहां से आएगा? हालांकि, आप देखेंगे कि इन सभी परीक्षाओं में चुने गए 75% से 100% उम्मीदवार इसी क्षेत्र के मूल निवासी हैं. यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि BJP के कार्यकाल में दूसरे राज्यों के लोगों ने यहां बड़े पैमाने पर नौकरियां हासिल की हैं. विपक्ष के हर सवाल का हमारे पास जवाब है लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं बहुत बड़ी हैं. हालात ऐसे हैं कि उनके लिए सच का सामना करना बहुत मुश्किल हो गया है. इसी बेचैनी का नतीजा है कि आज सदन को समय से पहले स्थगित करना पड़ा, कम से कम मुझे तो ऐसा ही लगा.”

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