‘मुझे Gen-Z पर आंख मूंदकर भरोसा…’, RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- इनका विरोध देश के खिलाफ नहीं

RSS Chief Mohan Bhagwat: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने Gen-Z को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुझे Gen-Z पर आंख मूंदकर भरोसा है.
RSS Chief Mohan Bhagwat

RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान

Mohan Bhagwat Statement On GEN-Z: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आज गुरुवार को ‘GEN-Z’ और GEN-ALPHA से बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान दिया है. मोहन भागवत ने कहा कि मुझे Gen-Z पर आंख मूंदकर भरोसा है. अगर वे विरोध कर रहे हैं तो एंटी नेशनल नहीं हैं.

दरअसल, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर में NEET पेपर लीक को लेकर ‘GEN-Z’ ने प्रदर्शन किया था. जिसके बाद देश के शिक्षा मंत्री को अपना इस्तीफा देना पड़ा. ‘GEN-Z’ ने इस प्रदर्शन के से सरकार को संदेश भी दिया कि अब उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. हालांकि, प्रदर्शन के बाद अब सरकार ने भी ‘GEN-Z’ के लिए नई नीतियों का गठन करना शुरू कर दिया है. इसी बीच आज गुरुवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ‘GEN-Z’ को लेकर खुलकर बातचीत की है.

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत: मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि आंदोलन भी एक डायलॉग का तरीका है. भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत कुछ करने की आवश्यकता है, लेकिन नहीं हो रहा है. हमारी पीढ़ी बड़ों की बात मान लेती थी, अभी की पीढ़ी को प्यार चाहिए. ‘GEN-Z’ आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें आंदोलन नहीं करना चाहिए, ये मैं नहीं कहूंगा. लेकिन कैसे करना चाहिए ये महत्वपूर्ण है. यदि ‘GEN-Z’ चिल्ला रही है तो विरोध के लिए नहीं चिल्ला रही, कुछ जरूरी है इसलिए चिल्ला रही है.

अब GEN-Z सवाल पूछते हैं

मोहन भागवत ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में कमियों को ठीक करना चाहिए. पहले के GEN-Z जो बड़े बोल देते थे, उसको फॉलो करते थे, लेकिन आज के GEN-Z सवाल पूछते हैं. सभी के देखने का अलग-अलग नजरिया होता है. GEN-Z अगर विरोध कर रही है तो वह एंटी नेशनल नहीं है. GEN-Z देश की नेक्स्ट जेनरेशन है.

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मुझे GEN-Z पर विश्वास: RSS प्रमुख

उन्होंने कहा कि GEN-Z और GEN-ALPHA पीढ़ी अधिक ईमानदार है. जब उनसे सवाल किया गया कि बच्चों पर लाठीचार्ज होती है, फायरिंग होती है, तो उन्होंने कहा कि इसके कारणों के पीछे जाना पड़ेगा. मेरे पास जानकारी नहीं क्यों हुआ, क्या हुआ? सही-गलत मुझे भी पता नहीं. हम सभी पढ़कर बोलते हैं. मुझे GEN-Z पर विश्वास है.

1 लाख स्कूलों में टॉयलेट नहीं, कैसे पढ़ेंगी बेटियां?

जब RSS प्रमुख से सवाल पूछा गया कि 15 लाख स्कूल में से 1 लाख स्कूल में टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है? बेटियां कैसे पढ़ेगी, पानी की व्यवस्था कई जगह नहीं है? इस दौरान उन्होंने जवाब दिया कि शिक्षा कमर्शियल व्यापार नहीं है. शिक्षा सभी को मिले, जीवन की आवश्यकता है. शिक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है. जहां काम नहीं वो रहा है. वहां ठीक करने की जरूरत है. शिक्षा देने वालों की ट्रेनिंग होनी चाहिए. शिक्षा में हम सभी का सहयोग होना चाहिए.

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