IAS रिंकू सिंह राही का इस्तीफा, सिस्टम पर उठाए सवाल, कभी 100 करोड़ के घोटाले के लिए खाई थीं 7 गोली
रिंकू सिंह राही
IAS Rinku Singh: यूपी कैडर के साल 2022 बैच के IAS रिंकू सिंह ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. उनके इस निर्णय से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. रिंकू सिंह का कहना है कि उन्हें ना तो पोस्टिंग दी जा रही है, ना ही काम मिल रहा है. राही लंबे समय से राजस्व परिषद में अटैच थे. उन्हें सक्रिय रूप से काम करने का मौका नहीं मिल रहा था.
सिस्टम पर लगाए आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राही का कहना है कि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर अलग ही सिस्टम काम कर रहा है. इसी वजह से वे अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभा पा रहे थे. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें अपने पद के लिए वेतन तो मिल रहा था लेकिन जनसेवा के लिए मौका नहीं दिया जा रहा था. यही कारण रहा कि नैतिक जिम्मेदारियों को समझते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
रिंकू सिंह राही कौन हैं?
- रिंकू सिंह राही उत्तर प्रदेश के हाथरस के रहने वाले हैं.
- साल 2004 में उन्होंने यूपीपीसीएस की परीक्षा पास की और जिला कल्याण अधिकारी बने.
- साल 2009 में उन्होंने लगभग 100 करोड़ के स्कॉलरशिप और पेंशन घोटाले का भंडाफोड़ किया.
- इसके बाद उन पर बैडमिंटन खेलते वक्त 7 गोलियां चलायी गईं. इनमें से दो गोलियां उनके चेहरे पर लगी थीं.
- इस घटना के बाद उन्होंने UPSC के लिए तैयारी शुरू कर दी और साल 2022 में IAS अफसर बने.
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क्या है उठक-बैठक विवाद?
- प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी पोस्टिंग मथुरा में हुई.
- इसके बाद शाहजहांपुर के पुवायां में एसडीएम के तौर पर पोस्टिंग मिली.
- पुवायां में वकीलों का प्रदर्शन चल रहा था, जिसे शांत कराने रिंकू सिंह राही पहुंचे थे.
- यहां उनकी बहस साफ-सफाई को लेकर हो गई. कहा कि गंदगी फैलाने वालों से उठक बैठक लगवाएंगे.
- इस पर वकील भड़क गए. मामले को शांत कराने के लिए उन्होंने माफी मांगी और उठक-बैठक भी लगाई.