‘घर में घुसकर कपड़े खींचने की कोशिश बलात्कार का प्रयास नहीं…’, झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
झारखंड हाई कोर्ट
Attempt to Rape Ruling: झारखंड हाई कोर्ट ने एक हैरान कर देने वाला फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि रात के समय किसी महिला के घर में घुसकर उसके कपड़े खींचने की कोशिश करना बलात्कार या बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में नहीं आता. जबकि इस मामले में निचली अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई थी. जानें क्या है पूरा मामला?
झारखंड हाई कोर्ट ने एक 26 साल पुराने मामले में ऐसी सुनवाई की, जिसने सबको हैरान कर दिया. साल 1999 में एक पीड़िता ने चाकुलिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि एक आरोपी रात के समय उसके घर में घुस गया और उसके साथ बलात्कार करने की नीयत से कपड़े खींचने लगा. हालांकि, पीड़िता की तत्परता की वजह से आरोपी भाग निकला था.
जिला कोर्ट ने सुनाई थी 4 साल की सजा
पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपी को दोषी पाया और कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी. निचली अदालत ने भी आरोपी को दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई. जिसको चुनौती देने के लिए आरोपी ने हाई कोर्ट का रुख किया. अब 20 साल बाद कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया है.
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निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट ने बदला
हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को ही पूरी तरह बदल दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि सिर्फ घर में घुसना और कपड़े खींचने की कोशिश इतना ठोस कदम नहीं है कि उसे बलात्कार का प्रयास माना जाए. वहीं, जेल जाने को लेकर कहा कि आरोपी पहले ही 8 महीना हिरासत में जेल काट चुका है. इसलिए अब उसे सजा नहीं दी जाएगी. कोर्ट ने यह फैसला 31 अगस्त को सुनाते हुए सोमवार को सार्वजनिक किया था.