चोरबागान पंडाल को मिला था ‘बेस्ट ऑफ द बेस्ट’ अवार्ड, भगदड़ में 19 लोगों की मौत, कई अस्पताल में भर्ती
चोरबागान पंडाल को मिला था 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट' अवार्ड, भगदड़ में 19 लोगों की मौत
Kolkata News: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बड़ा हादसा हो गया. यहां का चोरबागान पंडाल, जिसे ‘बेस्ट ऑफ द बेस्ट’ अवार्ड से नवाजा गया था. वहां भगदड़ की वजह से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं. हालांकि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कार्यक्रम के आयोजक समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया है. अब पूरे मामले की जांच की जा रही है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी मामले को संज्ञान में लिया और उचित कार्रवाई करने की बात कही है.
कोलकाता का चोरबागान पंडाल हर साल अलग-अलग थीम पर तैयार किया जाता है. इस साल ‘बियॉन्ड साउंड’ थीम पर बनाया गया था. जिसमें शोर-शराबे से दूर शांत वातावरण को दर्शाया गया है. पंडाल के अंदर प्राचीन और आधुनिक घड़ियों के जरिए समयकाल को दिखाया गया है.
कोलकाता पुलिस के अनुसार, इस भगदड़ के संबंध में आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105, 110 और 3(5) के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया है. चौदह लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
Kolkata’s Chorbagan Sarbojanin Durga Puja stampede incident | According to Kolkata Police, a suo motu case has been registered at Girish Park Police Station under Sections 105, 110, and 3(5) of the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) against the organisers and others in connection with the stampede. Fourteen people have been detained and are being questioned.
— ANI (@ANI) October 18, 2026
बारिश की वजह से भगदड़ की स्थिति
भगदड़ की घटना को लेकर राज्य कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चोरबागान के पंडाल में बड़ी संख्या में लोग आ रहे थे. शनिवार को अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिसकी वजह से लोग एक साथ पंडाल के अंदर घुसने लगे. पंडाल पहले से ही खचाखच भरा हुआ था, और बारिश की वजह से अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल रहे थे. इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और यह हादसा हो गया.
आयोजकों पर मिसमैनेजमेंट का आरोप
मंत्री ने आयोजकों पर कुप्रबंधन का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि आयोजकों को लोगों को अंदर जाने से रोका जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इसके अलावा, पंडाल के अंदर रोशनी भी थोड़ी कम थी. जिससे लोगों को यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया कि अंदर असल में कितनी भीड़ है.
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25 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी का ऐलान
बता दें, सरकार ने इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक SIT का गठन किया है और मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है. इसके अलावा, अगर परिवार में कोई पात्र सदस्य है, तो सरकार उन्हें ‘ग्रुप D’ की सरकारी नौकरी देगी. जो लोग घायल हुए हैं, उन्हें सरकार 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है और उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी सरकार ने ली है.