उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! आनंद दुबे ने छोड़ी शिवसेना UBT, इस्तीफे के पीछे बताई ये वजह
आनंद दुबे और आदित्य ठाकरे
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया. दुबे पार्टी के प्रमुख हिंदी भाषी चेहरों में गिने जाते थे. टीवी डिबेट में अक्सर शिवसेना UBT का पक्ष रखते थे. उनके इस फैसले को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
आनंद दुबे के इस्तीफे के पीछे पार्टी की कार्यप्रणाली और कुछ मुद्दों पर उनके वैचारिक मतभेद सामने आए हैं. उन्होंने साफ कहा कि देश से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों को अपनी पार्टी से ऊपर राष्ट्र को रखना चाहिए. उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोध और सरकार की आलोचना अपनी जगह है. लेकिन, देशहित से जुड़े विषयों पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए.
पहलगाम हमले का किया जिक्र
इस्तीफे के बाद आनंद दुबे ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद वह 26 अप्रैल को पार्टी के सहयोगी गुलाबचंद मौर्य के साथ पहलगाम गए थे. उस समय वहां गोलीबारी का माहौल था. दुबे ने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में पार्टी के वरिष्ठ सांसदों और विधायकों को भी वहां पहुंचना चाहिए था.
INDIA गठबंधन के लिए भी चुनौती
आनंद दुबे के इस्तीफे का असर केवल शिवसेना UBT तक सीमित नहीं माना जा रहा. महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी कांग्रेस और शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है. ऐसे समय में जब विपक्षी दल एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. दुबे का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है.
दुबे के जाने से पार्टी को हिंदी भाषी मतदाताओं के बीच अपनी बात रखने में भी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद भविष्य की राजनीतिक रणनीति क्या होगी. वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे या नहीं, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
ये भी पढ़ें:जंतर-मंतर पर अब नहीं दे पाएंगे धरना, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गईं ये 3 जगह