नेपाल के जल प्रलय ने ली 359 लोगों की जान, 290 भारतीय अब भी लापता, MEA ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया

Nepal Flash Flood: भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक 290 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं. इन सभी से संपर्क नहीं हो पा रहा है. वहीं, त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट के 63 वर्कर्स और तमिलनाडु निवासी 21 लोगों को बचाया गया है. कुल 84 भारतीय नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है.
Nepal flash floods 359 people dead and 290 indians missing

नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई भयानक फ्लैश फ्लड की विनाशलीला ने 359 लोगों की जान ले ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब भी 1500 लोग लापता हैं. भोटेकोशी नदी में बाढ़ से भारी मात्रा में जनहानि हुई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार परिवहन व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है. 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं. वहीं, कई सड़कें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. रसुवा जिला में आए इस जल प्रलय ने पड़ोसी देश को बुरी तरह प्रभावित किया है.

290 भारतीय अब भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक 290 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं. इन सभी से संपर्क नहीं हो पा रहा है. वहीं, त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट के 63 वर्कर्स और तमिलनाडु निवासी 21 लोगों को बचाया गया है. कुल 84 भारतीय नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है. बाकी नागरिकों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है.

नेपाल में आई फ्लैश फ्लड से भारतीय राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार को अलर्ट मोड पर रखा गया है. अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में केंद्रीय मंत्रालय की ओर मॉनिटरिंग की जा रही है. गंडक, कोसी और नारायणी नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है. यूपी के महाराजगंज एवं कुशीनगर और बिहार के 6 जिलों में सतर्कता बरतने के लिए जिला प्रशासन को कहा गया है.

विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया

नेपाल की स्थिति पर नजर रखने के लिए स्पेशल कंट्रोल रूम विदेश मंत्रालय में स्थापित किया गया है. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ये कंट्रोल रूम सातों दिन 24 घंटों काम करेगा. इसके साथ ही टेलीफोन नंबर +91 11 2308 8718, +91 11 2308 8719 और +91 11 2301 2113 जारी किए गए हैं.

रायपुर की मोनिका यादव लापता

नेपाल घूमने गईं रायपुर निवासी मोनिका यादव हादसे के बाद से लापता बताई जा रही हैं. वे 22 अगस्त को नेपाल के लिए निकली थीं. परिवार उनसे लगातार संपर्क में जुटा हुआ है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके सुरक्षित वापस लौटने का आश्वासन दिया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 और दूरभाष नंबर +91-771- 2223471 जारी किया है.

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नेपाल कैसे आई भीषण तबाही?

नेपाल के सीमावर्ती चीन के तिब्बती इलाके में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया. इसके कारण ग्लेशियल लेक टूट गई और पानी तेजी से बहने लगा. इसके बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में जलस्तर बढ़ने लगा. नदी का पानी जिन इलाकों से गुजरा, वहां भीषण तबाही देखने को मिली.

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