14 खरीफ फसलों का MSP बढ़ा! कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी, मोदी कैबिनेट का फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(File Photo)
pm modi Cabinet decision: केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 सीजन के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है,वहीं दूसरी तरफ देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोयला गैसीकरण योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है. सरकार का कहना है कि MSP बढ़ाने का मकसद किसानों को उनकी लागत का बेहतर दाम दिलाना और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाना है.
सरकार के मुताबिक, खरीफ फसलों के MSP में इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज पर की गई है. सूरजमुखी के MSP में 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद कपास में 557 रुपये, नाइजर सीड में 515 रुपये और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है.
कैबिनेट के आंकड़ों के अनुसार, किसानों को उत्पादन लागत पर सबसे ज्यादा संभावित लाभ मूंग की खेती में मिलने का अनुमान है, जहां मुनाफा करीब 61 फीसदी तक बताया गया है. इसके बाद बाजरा और मक्का में 56-56 फीसदी तथा अरहर या तूर दाल में 54 फीसदी तक लाभ का अनुमान जताया गया है.
कैबिनेट बैठक में क्या हुआ फैसला?
कैबिनेट बैठक में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के पास कोयले का विशाल भंडार मौजूद है और मौजूदा जरूरतों के हिसाब से यह भंडार करीब 200 साल तक देश की जरूरतें पूरी कर सकता है. ऐसे में सरकार अब कोयले का इस्तेमाल सिर्फ पारंपरिक बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उससे गैस तैयार करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम करेगी.
सरकार का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए देश को आयात पर निर्भरता कम करनी होगी. इसी सोच के तहत कोयला गैसीकरण योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है. इस तकनीक के जरिए कोयले से गैस बनाई जाएगी और फिर उस गैस का इस्तेमाल खाद, बिजली और विभिन्न रसायनों के उत्पादन में किया जाएगा.
किन योजनाओं को मिली मंजूरी?
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 37,500 करोड़ रुपये से कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की एक योजना को भी मंजूरी दी गई है.वैष्णव ने बताया कि रेल मंत्रालय की लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली अहमदाबाद (सरखेज) – धोलेरा अर्ध-उच्च गति दोहरी लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी गई है.
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