कौन हैं संजीव सान्याल? जो बन सकते हैं बंगाल के नए वित्त मंत्री, पीएम मोदी के साथ कर चुके काम
पीएम मोदी के साथ संजीव सान्याल
Sanjeev Sanyal: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट को छोड़ने का फैसला लिया है. इसके बाद से ही इस सीट को लेकर नए दावेदार भी अपनी तैयारियों में लग गए हैं. इन सब के बीच चर्चा इस बात की है कि वहां होने वाले उपचुनाव में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद से जुड़े अर्थशास्त्री संजीव सान्याल को इस सीट पर बीजेपी चुनाव लड़ा सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, बंगाल सरकार में वित्त विभाग को मजबूत करने की कवायद चल रही है. अभी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद कई बड़े मंत्रालय संभाल रहे हैं, जिनमें वित्त विभाग भी शामिल है. ऐसे में आर्थिक मामलों की गहरी समझ रखने वाले चेहरे की तलाश तेज हो गई है और संजीव सान्याल का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.
दरअसल, शुभेंदु अधिकारी ने हालिया विधानसभा चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम सीट खाली करने का फैसला किया. इसके बाद से ही नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है.
सान्याल को क्यों दिया जा सकता है मौका
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी बंगाल की आर्थिक छवि सुधारने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव वाले चेहरों को सरकार में जगह देना चाहती है. इसी रणनीति के तहत संजीव सान्याल को न सिर्फ मंत्री बनाया जा सकता है, बल्कि उन्हें विधानसभा पहुंचाने की तैयारी भी हो रही है.
संजीव सान्याल लंबे समय से आर्थिक नीति और सरकारी सुधारों पर काम करते रहे हैं. केंद्र सरकार की कई अहम आर्थिक योजनाओं में उनकी भूमिका मानी जाती है. अब अगर उन्हें बंगाल की राजनीति में उतारा जाता है, तो यह बीजेपी की नई रणनीति के तौर पर देखा जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम कर रहे सान्याल
सान्याल जाने-माने अर्थशास्त्री क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल के पर-भतीजे हैं. जो भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के गुरु थे. 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से संजीव सान्याल लगातार मीडिया में एक्टिव हैं. वर्तमान में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के एक प्रमुख सदस्य हैं. यह परिषद भारत सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री को आर्थिक मामलों पर निष्पक्ष और विशेषज्ञ सलाह देने के लिए गठित एक स्वतंत्र और गैर-संवैधानिक निकाय है.
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