कितने पढ़े-लिखे हैं देश के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी? जानें 5 बार के सांसद का एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

Prahlad Joshi Education: देश के नए मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपनी स्कूली शिक्षा हुबली (कर्नाटक) से कम्प्लीट की है. उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से ही मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की. स्कूली और शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने हुबली में स्थित के.एस. आर्ट्स कॉलेज (KS Arts College) में एडमिशन लिया था.
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शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी

Prahlad Joshi Education: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोद प्रदर्शन हुए. छात्रों की लगातार मांग और धरना-प्रदर्शन के बाद आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. अब बीजेपी सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है. अब देशभर के करोड़ों छात्रों की नजर नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिकी हुई है. ऐस में छात्रों और नागरिकों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर देश के नए शिक्षा मंत्री कितने पढ़े-लिखे हैं और उनके पास कौन-कौन सी डिग्रियां हैं.

कितने पढ़ें-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?

देश के नए मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपनी स्कूली शिक्षा हुबली (कर्नाटक) से कम्प्लीट की है. उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से ही मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की. स्कूली और शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने हुबली में स्थित के.एस. आर्ट्स कॉलेज (KS Arts College) में एडमिशन लिया था. यह कॉलेज कर्नाटक यूनिवर्सिटी से Affiliated है. साल 1983 में उन्होंने के.एस. आर्ट्स कॉलेज से बीए (BA) की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने आर्ट्स स्ट्रीम से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद वो सामाजिक कार्यों में जुट गए.

धारवाड़ से 5 बार के सांसद रहे प्रह्लाद जोशी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रह्लाद जोशी ने राजनीति में अपनी एक अलग पहचान और जगह बनाई है. साल 2004 से कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से वे लगातार 5 बार सांसद चुने गए हैं. वहीं साल 2019 से 2024 तक उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खनन मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली थी. साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सौंपा गया. इसके साथ ही जुलाई 2026 में उन्हें देश का नया शिक्षा मंत्री बना दिया गया है.

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ये रहेंगी चुनौतियां

  • NTA के काम करने के तरीके को और बेहतर बनाना.
  • पेपर लीक रोकने के लिए कड़े नियम बनाना और परीक्षाओं को पूरी तरह साफ-सुथरा रखना
  • साल 2027 से NEET की परीक्षा को ऑनलाइन करानेकी तैयारी करना.
  • देश के लाखों छात्र-छात्राओं और माता-पिता का परीक्षाओं पर फिर से विश्वास जगाना.
  • NEP को पूरे देश में अच्छी तरह से लागू करना.

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