दान घोटाले के आरोपों से घिरा सिद्धिविनायक मंदिर! अब दान और VIP दर्शन व्यवस्था में हो सकते हैं बड़े बदलाव

Siddhivinayak Mumbai: मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पर दान घोटाले के आरोप लगे हैं. इसके बाद जांच शुरू हो गई है. ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बदलाव हो सकते हैं.
सिद्धिविनायक मंदिर

सिद्धिविनायक मंदिर

Donation and VIP Darshan Changes: देश का प्रसिद्ध सिद्धिविनायक गणपति मंदिर इन द‍िनों चर्चा में आ गया है. यहां दान राशि और VIP दर्शन व्यवस्था से जुड़े आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच चल रही है. इसके साथ ही कर्मचारियों पर कार्रवाई और मंदिर की वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. ऐसा माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों के भीतर व्‍यवस्‍था में कई बदलाव देखने को‍ मिल सकते हैं.

विवाद की शुरुआत मंदिर की दान पेटी से कथित चोरी के मामले से हुई. जांच के दौरान CCTV फुटेज में एक कर्मचारी की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. आरोप है कि दान पेटी से करीब 10 हजार रुपये निकाले गए थे. पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की.

राज ठाकरे ने लगाए थे कई आरोप

मंद‍िर के कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद मामला और बड़ा हो गया, जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने मंदिर की दान व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की दान राशि में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की गड़बड़ी हो रही है. हालांकि यह आंकड़ा अभी आरोप के रूप में है. इसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

आरोपों के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट पर भी सवाल उठे. ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है. इसके साथ ही अपनी सफाई में कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है. वहीं कुछ ट्रस्ट सदस्यों ने आरोपों के लिए पिछली सरकार के समय नियुक्त कर्मचारियों को जिम्मेदार बताया है.

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

मंदिर कर्मचारी से जुड़े चोरी मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की. CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है और आगे भी जांच जारी है. मंदिर की आय और दान व्यवस्था की जांच के लिए ऑडिट की मांग तेज हुई है.

अब क्या बदलाव संभव हैं?

विवाद के बाद मंदिर प्रशासन दान व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की तैयारी कर सकता है. इसमें दान पेटियों की निगरानी बढ़ाना, CCTV व्यवस्था मजबूत करना, पैसे की गिनती की प्रक्रिया को रिकॉर्ड करना और डिजिटल दान को बढ़ावा देना शामिल हो सकता है.

फिलहाल सिद्धिविनायक मंदिर विवाद जांच के दौर में है. पुलिस जांच और ऑडिट रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि आरोप कितने सही हैं.

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