‘पूरा गांव बिकाऊ है, टाटा-बिड़ला, अंबानी खरीद लें…’, पानी की समस्या से परेशान गांव वालों ने लगाए पोस्टर

Maharashtra Water Crisis: पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन जब उनकी बात कहीं नहीं सुनी गई, तो उन्होंने अपने गांव को 'बिक्री के लिए' बता दिया.
Tulshi Solapur Village Sale Posters

पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने पूरा गांव बिकाऊ के लगाए पोस्टर

Village For Sale Posters: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का तुलसी गांव इन दिनों खूब चर्चा में है. वजह है पानी के लिए ग्रामीणों का तरसना. पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन जब उनकी बात कहीं नहीं सुनी गई, तो उन्होंने अपने गांव को ‘बिक्री के लिए’ बता दिया. ग्रामीणों ने कहा कि ‘हमारा गांव बिक्री के लिए है, कोई इसे खरीद ले.’ इसका गांवों में बैनर भी लगा दिया है.

ग्रामीणों की इस मांग को लेकर हर कोई हैरान है. उनका आरोप है कि लंबे समय से सिना-माढा उपसा जल सिंचाई योजना का पानी गांव तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है. हालांकि, यह योजना साल 2,000 की है. उसी समय इस गांव को योजना से बाहर रखा गया था, लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध और आंदोलन की वजह से इस गांव को भी योजना में शामिल कर लिया गया. योजना में शामिल करने के बाद भी आज तक इस गांव में पानी नहीं पहुंच पाया है.

24 सितंबर से अनशन पर बैठे हैं ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि योजना का लाभ नहीं मिल पाने की वजह से सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है. पानी की मांग को लेकर उजनी पानी संघर्ष समिति के नेतृत्व में 24 सितंबर से 12 किसानों ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने सुध नहीं लिया. जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है.

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गांव बिक्री के लिए लगाया बैनर

इसी बीच ग्रामीणों ने गांव में एक बैनर लगा दिया. जिसमें लिखा, ‘हमारा गांव बिक्री के लिए है, कोई इसे खरीद ले.’ ग्रामीणों ने इस दौरान यह भी कहा कि टाटा-बिड़ला या अंबानी आकर गांव खरीद लें और उन्हें पानी उपलब्ध करा दें. फिलहाल, इस घटना के बाद यह गांव काफी चर्चा में है. अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों के इस अनोखे आंदोलन के बाद सरकार और प्रशासन क्या निर्णय लेते हैं.

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