सरकार से लेकर RBI,NPCI तक को नोटिस, यूपीआई चार्ज पर रोक लगाने से SC का इनकार

SC On UPI Charges: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नए फ्रेमवर्क के तहत पेमेंट गेटवे के जरिए होने वाले करीब 96 प्रतिशत ट्रांजेक्शन शुल्क से बाहर रहेंगे. केवल 2,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर शुल्क लिया जाएगा. वह भी केवल मर्चेंट से.
SC On UPI

यूपीआई चार्ज पर रोक लगाने से SC का इनकार

Digital Payments MDR Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने 2,000 से ज्यादा यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है. यूपीआई मामले पर सीनियर अधिवक्ता अंजन दत्ता ने जनहित याचिका दायर की थी. याचिका में भारत के न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सहमति जताई है. इसके साथ ही सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई से 1 महीने के अंदर जवाबी हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है.

क्या है मामला?

दरअसल, केंद्र सरकार ने 2,000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट्स पर MDR चार्ज वसूलने की बात कही है. यह चार्ज 15 अक्टूबर से सभी मर्चेंट से वसूला जाएगा. राहत की बात है कि इस पर किसी ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. यानी पूरा चार्ज सिर्फ मर्चेंट को ही देना होगा. यूपीआई चार्ज को लेकर सरकार के फैसले को चुनौती देने के सीनियर वकील अंजन दत्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. जहां कोर्ट ने इस यूपीआई चार्ज को हटाने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है.

4 हफ्तों में देना होगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने वकील अंजन दत्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कारोबारियों से वसूला जाने वाला एमडीआर कोई फीस है, टैक्स है या कुछ और है? वकील ने याचिका में कहा था कि सरकार ने बिना पर्याप्त कानूनी अधिकार से ये फैसला लिया है. जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक, नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और UPI स्टीयरिंग कमेटी को नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही 4 हफ्तों के अंदर जवाब देने को कहा है.

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पर्सन टू पर्सन से कोई चार्ज नहीं

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नए फ्रेमवर्क के तहत पेमेंट गेटवे के जरिए होने वाले करीब 96 प्रतिशत ट्रांजेक्शन शुल्क से बाहर रहेंगे. केवल 2,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर शुल्क लिया जाएगा. वह भी केवल मर्चेंट से. ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. वहीं 75,000 रुपए या उससे ज्यादा के पेमेंट्स पर अधिकतम चार्ज 3,00 रुपए तक ही वसूले जाएंगे. जबकि, पर्सन टू पर्सन यूपीआई पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

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