CJI के सामने ही भिडे़ 2 सीनियर वकील, सुप्रीम कोर्ट में किन बातों को लेकर बढ़ा विवाद, जानें

Supreme Court Lawyers Clash: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिका की सुनवाई के दौरान ही दो सीनियर वकील आपस में भिड़ गए. सीनियर वकील अश्विनी उपाध्याय ने एक याचिका दाखिल की थी. इस याचिका को लेकर कोर्ट में मौजूद वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा ने अश्विनी उपाध्याय की मंशा पर सवाल उठाए. जिसके बाद विवाद बढ़ गया.
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CJI Witnesses Row: देश की सर्वोच्च अदालत के दो सीनियर वकील आपस में ही भिड़ गए. खास बात यह है कि इस दौरान याचिका पर सुनवाई के लिए CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी मौजूद थे. विवाद इतना बढ़ गया कि खुद सीजेआई को बीच बचाव करने के लिए सामने आना पड़ा. जानें क्यों हुआ विवाद?

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिका की सुनवाई के दौरान ही दो सीनियर वकील आपस में भिड़ गए. सीनियर वकील अश्विनी उपाध्याय ने एक याचिका दाखिल की थी. इस याचिका को लेकर कोर्ट में मौजूद वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा ने अश्विनी उपाध्याय की मंशा पर सवाल उठाए. मैथ्यूज नेदुम्पारा ने कहा कि आजकल PIL दाखिल करना एक कारोबार बन गया है. यह सुनते ही अश्विनी उपाध्याय ने नाराजगी जाहिर की और दोनों के बीच इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई.

इस दौरान सीजेआई ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि आज सुबह हमारा मनोरंजन करने के लिए आपका धन्यवाद. हालांकि, इस दौरान सीजेआई ने कहा कि हम देखते हैं और इस पर विचार जरूर करेंगे.

याचिका में क्या था?

अश्विनी उपाध्याय की याचिका में कानून शिक्षा आयोग का जिक्र था. जिसमें कहा गया है कि मैं एक कानूनी शिक्षा आयोग बनाने की मांग करने वाला याचिकाकर्ता हूं. मुझे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर को याचिका सौंपने की अनुमति दें. इस दौरान यह भी कहा कि लॉ कॉलेजों के सिलेबस और करिकुलम की समीक्षा करने के लिए कोई आयोग नहीं है.

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अश्विनी उपाध्याय की याचिका को लेकर वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा ने सवाल किया कि कितनी बार PIL दाखिल कर रहे हैं. यह सुनते ही अश्विनी उपाध्याय बिगड़ गए और पूछा कि आप हैं कौन. जिस पर नेदुम्पारा ने जवाब देते हुए कहा कि मैं एक जागरुक नागरिक हूं और हर PIL का विरोध करने आया हूं. क्योंकि अब PIL एक धंधा बन गई है. इस दौरान दोनों वकीलों के बीच तू-तू, मैं-मैं की स्थिति निर्मित हो गई. फिलहाल, सीजेआई ने दोनों को शांत करा दिया.

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