TMC के बागी गुट ने पार्टी मुख्यालय पर किया कब्जा, 60 विधायक ऑफिस पहुंचे; BJP बोली- अब वो इतिहास बन गई
ममता बनर्जी(File Photo)
Trinamool Congress: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में हुई फूट ने अब नया रूप ले लिया है. बागी गुट के नेताओं ने कोलकाता स्थित मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है. ऋतब्रत बनर्जी के अलावा फिरहाद हकीम, जावेद खान, संदीपन साहा और अखरुज्जमान समेत लगभग 60 विधायक पार्टी हेड क्वार्टर पहुंचे और थोड़ी देर तक ऑफिस में ही रुके. मीटिंग के बाद बागी नेताओं ने कहा कि हम ही असली टीएमसी हैं. इसलिए पार्टी मुख्यालय पर भी हमारा ही अधिकार है.
2022 से संचालित हो रहा है पार्टी मुख्यालय
विधानसभा चुनाव में हार के बाद बागी गुट और ममता खेमे के बीच लगातार मतभेद देखे जा रहे हैं. दोनों ही खेमा एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. लेकिन शुक्रवार को ये लड़ाई और आगे तब बढ़ गई जब मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र स्थित पार्टी कार्यालय पर ऋतब्रत बनर्जी गुट ने कब्जा कर लिया. ये मुख्यालय 2022 से संचालित हो रहा है.
दिल्ली: भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने टीएमसी में चल रहे अंदरूनी मतभेद पर कहा, "तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में एक इतिहास बन गई है। ममता बनर्जी को सांसद छोड़ गए, विधायक छोड़ गए, कार्यकर्ता छोड़ गए, पंचायत ब्लॉक के जो उनके पंचायत समिति के मेंबर थे, वे भी छोड़ गए, मेयर… pic.twitter.com/KMnSlWldjd
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 3, 2026
‘पार्टी में अब सिर्फ उनका भतीजा बचा है’
वहीं तृणमूल कांग्रेस की फूट पर बीजेपी ने तंज कसा है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में एक इतिहास बन गई है. ममता बनर्जी को सांसद, विधायक, मेयर, पंचायत समिति के सदस्य तक छोड़कर चले गए हैं. सिर्फ उनका भतीजा उनके साथ है. तृणमूल के अधिकतर लोग ही ममता बनर्जी के खिलाफ हैं. पार्टी में ममता बनर्जी खुद माइनॉरिटी में रह गई हैं. अब चुनाव आयोग को डिसाइड करना है कि उनकी कौन सी पार्टी है.’
बागी गुट ने एक दिन पहले ही मांगा था सिंबल
इसके पहले टीएमसी के बागी गुट ने एक दिन पहले ही चुनाव आयोग के सामने पार्टी के सिंबल पर दावा पेश किया था. टीएमसी विधायक संदीपन साहा ने कहा था कि ममता बनर्जी और उनका गुट जमीन से एकदम कट गया था. उन्हें पता ही नहीं था कि जनता क्या चाहती है और समाज में क्या चल रहा है. जिस कारण पार्टी का ये हाल हुआ है.
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