बंगाल चुनाव: CM ममता ने नॉनवेज को बनाया चुनावी मुद्दा, पिछले चुनावों से कितना अलग होगा ये इलेक्शन?
सीएम ममता बनर्जी
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों में विधानसभा चुनावों के पहले चरण की वोटिंग होनी है. इससे पहले ही प्रदेश का सियासी पारा हाई है. राजनीतिक दलों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं. प्रदेश की मौजूदा सीएम ममता बनर्जी आरोप लगा रही हैं कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार आ गई तो लोगों का खाना पीना भी वही तय करेगी. CM ममता का आरोप है कि अगर BJP के सत्ता में आने के बाद अंडा, मछली, मीट खाने पर बैन लगा दिया जाएगा.
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे. इसके तहत पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को तो वही दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. चुनाव के नतीजे 4 मई को सभी के सामने आएंगे. हालांकि सत्तारुण तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि वह प्रदेश में एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है तो वहीं बीजेपी भी इस चुनाव में पूरे दमखम के साथ नजर आ रही है.
ममता खाने-पीने की चीजों को बना रही मुद्दा?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस चुनाव में ऐसे में मुद्दों को उठा रही हैं जो सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े हुए हैं. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आती है तो वही तय करेगी कि आप क्या खाएंगे और क्या नहीं खाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के जिन भी राज्यों में बीजेपी की सरकार है वहां पर मछली नहीं खाई जाती है. BJP की किसी भी धर्म में आस्था नहीं है. वो जनता पर केवल अपना एजेंडा ही थोपना चाहती है. इन्हीं की वजह से समाज में झगड़े होते हैं.
सीएम ममता ने अन्य राज्यों में मछली न खाने की बात कही है. हालांकि ऐसा नहीं है. देश के ज्यादातर राज्यों में लोग मछली के साथ-साथ मीट और मटन खाते हैं. हालांकि कुछ जगहों को छोड़ दें तो लगभग देश के हर राज्य और शहर में मछली खाई जाती है. सीएम का यह बयान केवल एक चुनावी बयान ही है.
क्यों अलग है इस बार का चुनाव
पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार कई मायनों में अलग माना जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि आम जनता से जुड़े हुए मुद्दों के साथ-साथ यहां राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन जैसे भी बड़े मुद्दों पर बात हो रही है. यह चुनाव सीधे तौर पर बीजेपी और टीएमसी के बीच है. यहां ममता बनर्जी का 15 सालों से कब्जा है और वे इस कब्जे को आगे भी बनाए रखना चाहती हैं.
दूसरी तरफ बीजेपी बंगाल में अपनी जड़ें मजबूत कर चुकी है. इस बार सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. यही वजह है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव अब सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं रह गया है.
‘आखिरी किले’ को जीत पाएगी बीजेपी?
ममता बनर्जी को आम तौर पर बीजेपी की सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी माना जाता है. साल 2014 में केंद्र में बीजेपी सरकार काबिज हुई थी. इसके बाद से ही बीजेपी ने देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी सरकार बनाई है. असम से लेकर त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी बीजेपी अपनी सरकार बना चुकी है. पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य है जहां बीजेपी का रथ हर बार रुक जाता है. 2021 में जीत का दावा करने वाली बीजेपी केवल 77 सीटों पर सिमट गई थी. पिछले 5 सालों से राज्य में बीजेपी लगातार एक्टिव बनी हुई है. ऐसे में देखना होगा कि इस चुनाव में बीजेपी अपने ‘आखिरी किले’ को फतह कर पाती है या फिर नहीं.
BJP पर लगातार हमला बोल रहीं ममता
पश्चिम बंगाल की कमान पिछले कई सालों से ममता बनर्जी के हाथों में ही है. इस चुनाव में बीजेपी टीएमसी को टक्कर देने की पूरी कोशिश कर रही है. यही वजह है कि सीएम ममता भी कोई भी रिश्क नही लेना चाहती हैं. चुनाव प्रचार के दौरान भी वे आम जनता के साथ बातचीत करती नजर आती हैं. इस दौरान वे जनता को ये भी बताती हैं कि अगर सूबे में बीजेपी की सरकार आती है तो क्या-क्या बदल सकता है.
उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी पार्टी की सोच एकतरफा है. ये लोग सिर्फ और सिर्फ नफरत फैलाने और दंगे भड़काने का काम करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग दंगे कराकर ही कुर्सी तक पहुंचते हैं. मासूम और बेगुनाह लोगों की जान लेकर ये लोग सत्ता का सुख भोगते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी आती है तो आपको शुरुआत में तो कुछ पैसे देंगे लेकिन कुछ ही समय बाद वे इसे बंद कर देंगे.
ये भी पढ़ें: चाय की पत्तियां तोड़ी, सेल्फी खिंचाई… असम में अचानक चाय बागान पहुंचे PM मोदी का दिखा अलग अंदाज
बंगालियों को बनाया जाता है निशाना- ममता
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि देश के अन्य राज्यों में बंगाली बोलने वालों को निशाना बनाया जाता है. कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब बंगालियों पर हमले किए गए हैं. हालांकि हमारा व्यवहार सभी के लिए एक समान है. हम किसी के भी साथ भेदभाव नहीं करते हैं. हमारी कोशिश रहती है कि हम सबको साथ लेकर चलें. सीएम.ने कहा कि आज पूरे देश में सबसे ज्यादा आदिवासियों और महिलाओं पर अत्याचार BJP शासित राज्यों में ही हो रहे हैं.वहां कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है.