ममता की मुश्किलें नहीं हो रहीं कम! अब प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी छोड़े सभी पार्टी पद
अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य और ममता बनर्जी
Chandrima Bhattacharya Resigns: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. विधानसभा चुनाव में करारी हार, पार्टी के भीतर बगावत और नेताओं के लगातार इस्तीफों के बीच अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी की पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष और ममता बनर्जी की सबसे करीबी नेताओं में गिनी जाने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है.
चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्हें कुछ ही सप्ताह पहले पार्टी संगठन को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की जगह उन्हें संगठन की कमान सौंपकर ममता बनर्जी ने भरोसा जताया था, लेकिन अब उनका अचानक सभी पदों से हटना टीएमसी में जारी अंदरूनी संकट को और गहरा करता दिख रहा है.
कई नेता कर चुके बगावत
टीएमसी पहले ही बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है. चुनावी हार के बाद कई विधायक और नेता पार्टी से अलग हो चुके हैं. इससे पहले पार्टी को बगावत का सामना करना पड़ा, कई संगठनात्मक बदलाव करने पड़े और पूरे संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी. इसके बावजूद पार्टी में असंतोष थमता नजर नहीं आ रहा है.
एक के बाद एक लगातार झटके
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चंद्रिमा का इस्तीफा ममता बनर्जी के लिए सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक झटका भी है. उन्हें ममता की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता था और पार्टी के अहम फैसलों में उनकी भूमिका मानी जाती रही है. ऐसे में उनका अलग होना विपक्ष को टीएमसी पर हमला करने का नया मौका दे सकता है.
हालांकि, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस्तीफे के पीछे सार्वजनिक रूप से कोई कारण नहीं बताया है. वहीं टीएमसी नेतृत्व की ओर से भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन लगातार हो रहे इस्तीफों और बगावत के बीच इतना साफ है कि ममता बनर्जी के सामने पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती पहले से कहीं अधिक कठिन हो गई है.
ये भी पढ़ें:TMC के बागी गुट ने पार्टी मुख्यालय पर किया कब्जा, 60 विधायक ऑफिस पहुंचे; BJP बोली- अब वो इतिहास बन गई