शहरों के लिए 10 और गांवों के लिए 20 मिनट! MP विधानसभा में पास हुआ ऐसा कानून जो बचाएगा सबकी जान

एमपी विधानसभा में मंगलवार 21 जुलाई को कई वर्षों से प्रतीक्षित अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधयेक (फायर सेफ्टी) को पारित कर दिया गया है.
MP Assembly Fire Safety Bill 2026

फाइल फोटो

एमपी विधानसभा में मंगलवार 21 जुलाई को कई वर्षों से प्रतीक्षित अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधयेक (फायर सेफ्टी) को पारित कर दिया गया है. विधेयक के पक्ष में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में कहा कि सभी राज्यों और केंद्र के एक्ट का अध्ययन कर इसे तैयार किया गया है. इसके अतिरिक्त राजमार्ग संशोधन, मप्र कार्यस्थल सशक्तीकरण संहिता और यूसीसी सहित आठ विधेयक साढ़े पांच घंटे की चर्चा के बाद विधानसभा से पारित हो गए.

मंत्री विजयवर्गीय ने दी जानकारी

इसके बारे में जानकारी देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा की श्रेणी में लाया जाएगा. फायर सेफ्टी का संचालनालय और प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान बनेगा. कहीं भी आग लगने की घटना होती है और जांच में पता चलता है कि फायर सेफ्टी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी भी अब तय की जाएगी. भवन के मालिक को भी जवाबदेह माना जाएगा.

15 मीटर से ऊंची बिल्डिंग के लिए जरूरी है NOC

प्रदेश में इतने फायर स्टेशन और फायर ब्रिगेड होंगी कि शहरी क्षेत्र में 10 मिनट और ग्रामीण इलाकों में 20 मिनट में दमकल गाड़ियां पुहंचेगी. इस एक्ट के तहत 15 मीटर से ज्यादा ऊंची बिल्डिंग के लिए एनओसी आवश्यक है. एक्ट लागू हो जाने से केवल आग बुझाने की व्यवस्था ही नहीं बल्कि आग लगने जैसी घटनाओं को रोकने की तरफ भी अधिक ध्यान दिया जाएगा.

विधायक अभिलाष पांडे ने कहा…

इस एक्ट के समर्थन में जबलपुर (उत्तर) से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने कहा ‘अब पंडालों के लिए भी फायर सेफ्टी की अनुमति आवश्यक होगी. स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं का भी प्रविधान किया गया है. आग की झूठी जानकारी देने वालों के विरुद्ध अर्थदंड का प्रविधान है. स्कूलों के लिए भी एनओसी के मापदंड तय किए गए हैं.’

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