MP में मिलावटी दूध-पनीर के खिलाफ बड़ा अभियान, 2,283 सैंपल लिए गए, 48,396 किलो खाद्य सामग्री जब्त
मिलावटी दूध-पनीर के खिलाफ खाद्य विभाग का एक्शन
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए एनालॉग पनीर के साथ-साथ मावा और दूसरे खाद्य सामग्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही खाद्य विभाग ने जानकारी दी है कि राज्य में मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया है. इस दौरान 2,283 दूध एवं दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए.
2.91 करोड़ की सामग्री जब्त
खाद्य विभाग के द्वारा 20 जुलाई से 12 अगस्त तक कार्रवाई की गई. इस दौरान 2,283 दूध एवं दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए. 48,396 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई. जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 2.91 करोड़ रुपए बताई गई. सबसे ज्यादा दूध के 852, मावा के 108, पनीर के 301 और घी के 609 सैंपल लिए गए. अन्य दुग्ध उत्पादों के 413 सैंपल भी जांच के लिए लिए गए.
8 लाइसेंस निलंबित किया गया
अभियान के दौरान 8 लाइसेंस/पंजीयन निलंबित किए गए. FSS Act के तहत 38 प्रकरण दर्ज किए गए. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं.
जबलपुर में दो मामलों में मदर लाइट हल्दी पाउडर और मदर लाइट मिर्च पाउडर में असुरक्षित पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है. एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगने के बाद प्रदेश भर में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर करीब 8,135 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई.
ये भी पढ़ें: MP News: एमपी में अब नहीं बिकेगा एनालॉग पनीर, सीएम मोहन यादव ने जारी किए सख्त निर्देश
एनालॉग पनीर क्या है?
असली पनीर दूध से बनता है. वहीं, एनालॉग पनीर दूध की बजाय पाम आयल, सस्ते वनस्पति सोयाबीन और तेल स्टार्च और केमिकल से तैयार किया जाता है. इसे खाने से दिल की बीमारियां, खराब कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं.