MP DPR News Rule: पीजी रेजिडेंट डॉक्टर्स की नहीं होगी मनचाही पोस्टिंग! अधिक मरीजों वाले जिलों में आवंटन होगा

सरकार ने डीआरपी-2 बैच का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 8 से 11 जुलाई तक होगा, जबकि प्रक्रिया 14 जुलाई तक पूरी हो जाएगी. वहीं 20 जुलाई से आवंटन शुरू हो जाएगा.
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सांकेतिक तस्वीर.

MP DPR News Rule: मध्य प्रदेश में अब पीजी रेजिडेंट डॉक्टर्स मनचाही पोस्टिंग नहीं ले सकेंगे. सरकार ने जिला रेजिडेंसी प्रोग्राम पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं. अब पीजी डॉक्टर्स की जिलों में तैनाती राज्य स्तर पर नहीं बल्कि मेडिकल कॉलेज के डीन के नेतृत्व वाली समिति करेगी. ऐसे में पीजी डॉक्टर्स की तैनाती उन मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में होगी, जहां मरीजों की संख्या ज्यादा है. हालांकि महिला दिव्यांग कैंडिडेट को रियायत दी गई है. उन्हें नजदीक के जिले में ही पोस्टिंग दी जाएगी.

पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी करेगी फैसला

नई डीआरपी नीति के तहत 7 संभागीय क्लस्टर में बांटा गया है. इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और शहडोल क्लस्टर शामिल हैं. इन क्लस्टर में संबंधित मेडिकल कॉलेजों में पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी बनाई जाएगी, पीजी रेजिडेंट डॉक्टर को मरीजों की संख्या के हिसाब से जिला आवंटित करेगी.

नहीं मिलेगा आवास भत्ता, दिव्यांग महिला कैंडिडेट को राहत

अब तक रेजिडेंट डॉक्टर्स को आवास भत्ता भी दिया जाता था. लेकिन नई डीआरपी पॉलिसी के तहत अब आवास भत्ता नहीं मिलेगा, साथ ही खाने-पीने की व्यवस्था खुद ही करनी होगी. हालांकि महिला दिव्यांग कैंडिडेट को छूट दी गई है. कोशिश की जाएगी कि महिला दिव्यांग कैंडिडेट को आसपास का ही जिला आवंटित किया जाए.

बता दें सरकार ने डीआरपी-2 बैच का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 8 से 11 जुलाई तक होगा, जबकि प्रक्रिया 14 जुलाई तक पूरी हो जाएगी. वहीं 20 जुलाई से आवंटन शुरू हो जाएगा.

अब नहीं मिलेगी मनचाही पोस्टिंग

पीजी रेजिडेंट डॉक्टर्स की जिलों में पोस्टिंग अब तक राज्य स्तरीय होती थी, इससे डॉक्टर्स को उनकी इच्छा से जिला आवंटित हो जाता था. लेकिन अब संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी. सरकार ने ये फैसला बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्थ करवाने के लिए किया है. अब तक डॉक्टर्स को मनचाहे जिले में पोस्टिंग मिल जाती थी, जबकि जिन जिला अस्पतालों में मरीज ज्यादा आते थे, वहां परेशानी देखने को मिलती थी.

डीन की अध्यक्षता वाली जो कमेटी पीजी रेजिडेंट डॉक्टर्स को जिला आवंटित करेगी, उसमें महिला और आरक्षित वर्ग से सदस्यों को रखना अनिवार्य है.

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