Nepal Tragedy: नेपाल त्रासदी में लापता स्वाती बागरेचा के परिवार से मिले शिवराज सिंह चौहान, सुरक्षित वापसी का दिलाया भरोसा

Nepal Tragedy: शिवराज ने परिवार को भरोसा दिलाया कि स्वाती की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क कर मामले की जानकारी दी.
Shivraj Singh Chouhan met Swati Bagrecha's family.

स्वाती बागरेचा के परिवार से मिले शिवराज सिंह चौहान

Nepal Tragedy: विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार देर रात करीब 9:45 बजे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केसी बागरेचा के घर पहुंचे और नेपाल त्रासदी के बाद लापता उनकी बेटी स्वाती बागरेचा के बारे में परिवार से जानकारी ली. इस दौरान उनके साथ साधना सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन भी मौजूद रहे. शिवराज ने परिवार को भरोसा दिलाया कि स्वाती की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क कर मामले की जानकारी दी.

परिवार को दिया हरसंभव मदद का भरोसा

शिवराज सिंह चौहान ने परिवार से स्वाती के बारे में विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने परिजनों से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि स्वाती की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे. मामले को विदेश मंत्रालय के स्तर पर भी उठाया गया है, ताकि नेपाल में मौजूद भारतीय और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जल्द जानकारी जुटाई जा सके.

26 अगस्त के बाद स्वाती से नहीं हुआ संपर्क

परिवार के मुताबिक, टोरंटो में रहने वाली 50 वर्षीय इंजीनियर स्वाती बागरेचा 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यीय समूह के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दिल्ली से रवाना हुई थीं. परिवार की उनसे आखिरी बातचीत 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हुई थी. उस समय वह नेपाल-तिब्बत सीमा पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहुंची थीं. इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है.

मोबाइल बज रहा, लेकिन कॉल का जवाब नहीं

स्वाती के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि उनका मोबाइल फोन अभी भी बज रहा है, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रही है. परिवार को लोकेशन लॉग से जानकारी मिली है कि फोन चीनी सीमा के आसपास सक्रिय था. हालांकि, विदेशी नंबर होने के कारण उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाने में परेशानी आ रही है. परिवार ने नेपाल में भारतीय और कनाडाई दूतावासों से भी मदद मांगी है.

पलक और पल्लवी पोखरा में सुरक्षित मिलीं

इस बीच, अनूपपुर की रहने वाली बहनें पलक और पल्लवी मांझी भी नेपाल में आपदा के दौरान फंस गई थीं. दोनों ग्वालियर में पढ़ाई और नौकरी करती हैं और छुट्टियां मनाने नेपाल गई थीं. करीब दो दिन तक संपर्क नहीं होने के बाद शुक्रवार को परिवार को दोनों के पोखरा में सुरक्षित होने की जानकारी मिली. उनके रविवार को घर लौटने की उम्मीद जताई गई है.

चार अन्य लोगों के परिजन भी परेशान

रायसेन के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करने वाले भाई विकास और हिमांशु राजपूत के अलावा देवास के शाहजहां अंसारी और इंदौर के शिबा प्रसाद मुखर्जी के बारे में भी परिजन जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. इनके रिश्तेदारों ने दिल्ली में बनाए गए कंट्रोल रूम से संपर्क किया है, जहां नेपाल में फंसे मध्य प्रदेश के लोगों की मदद के लिए समन्वय किया जा रहा है.

रसुवा में बाढ़ से मची थी तबाही

बताया गया है कि 26 अगस्त को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी. बाढ़ का पानी त्रिशूली और आगे गंडक नदी तंत्र से जुड़े निचले इलाकों तक पहुंचा. इस आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई.

परिवार को स्वाती के सुरक्षित लौटने की उम्मीद

स्वाती के परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है, लेकिन उन्हें अब सरकारी स्तर पर शुरू किए गए प्रयासों से उम्मीद बंधी है. परिजनों का कहना है कि मोबाइल की लोकेशन से मिले संकेतों के आधार पर उनकी तलाश तेज की जाए. परिवार को भरोसा है कि संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास से जल्द स्वाती की जानकारी मिलेगी और उनकी सुरक्षित घर वापसी संभव होगी.

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