‘ऐसी नौबत क्यों आई…’, ‘एक कचौड़ी, दो समोसा’ स्लोगन पर शिवराज सिंह चौहान का रिएक्शन
शिवराज सिंह चौहान(File Photo)
Shivraj Singh Chouhan Reaction: महिलाओं के विरोध प्रदर्शन में लगाए नारे इन दिनों लोगों के बीच बहुत चर्चित हैं. जहां कुछ लोग इस पर मीम्स बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं और मजे ले रहे हैं. वहीं, कुछ लोग इसे आलोचना की नजर से देख रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे ‘एक कचौड़ी, दो समोसा…इन मर्दों का क्या भरोसा?’ पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रिएक्शन सामने आया है.
कृषि मंत्री ने नारे के बारे में क्या कहा?
कृषि मंत्री ने इस नारे के बारे में गंभीरता से सोचने के बारे में कहा. शिवराज सिंह चौहान भोपाल में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने ‘एक कचौड़ी, दो समोसा… इन मर्दों का क्या भरोसा’ का जिक्र किया. इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बेटियों को आखिर ऐसे नारे लगाने की क्यों जरूरत पड़ी?
‘समाज को आखिर क्या हुआ है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाज को सोचने की जरूरत है कि आखिर इस तरह की स्थिति क्यों पैदा हुई? बेटियों को पुरुषों पर भरोसे के खिलाफ नारे और सवाल उठाने एवं बोलने पड़ रहे हैं. ये केवल बेटियों का नहीं, पूरे समाज के लिए सोचना का विषय बन गया है.
उन्होंने आगे कहा कि कई बार बेटियों को जान-पहचान वाले ही गलत नजर से देखते हैं. इन घटनाओं से सवाल उठता है कि आखिर हमारा समाज किस ओर जा रहा है. बहन-बेटियों के मान और सम्मान की जिम्मेदारी केवल परिवार की नहीं है, ये पूरे समाज की जिम्मेदारी भी है.
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‘विश्वास की बुनियाद पर सवाल खड़े होंगे’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर बेटियां ही समाज के पुरुषों पर विश्वास नहीं करेंगी तो सामाजिक रिश्तों और विश्वास की बुनियाद पर सवाल खड़े हो जाएंगे. समाज को संकल्प लेना चाहिए कि वह बेटियों और माताओं का सम्मान करेगा और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा.