MP से आंध्र प्रदेश जाएंगे बाघ और गौर, बदले में वाइल्ड डॉग्स लाए जाएंगे; CM बोले- कई वन्य जीवों में प्रदेश नंबर एक
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.
MP News: देशभर में जहां कई वन्य जीव विलुप्त होने की कगार पर हैं, वहीं एमपी के जंगल उन्हीं वन्य जीवों के लिए अनुकूल हैं, यहां लगातार उनकी संख्या बढ़ रही है. बाघों की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश नंबर एक है. अब मध्य प्रदेश के बाघ और गौर आंध्र प्रदेश जाएंगे. इसके बदले वहां से वाइल्ड डॉग्स लाए जाएंगे. सीएम हाउस स्थित समत्व भवन में गुरुवार को वन विभाग की समीक्षा मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसको लेकर जानकारी दी है.
आंध्र से बाघ और राजस्थान से सोन चिड़िया आएगी
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि आंध्र सरकार ने बाघ और गौर के लिए अनुरोध किया है. सीएम ने कहा, ‘आंध्र प्रदेश को बाघ और गौर उपलब्ध कराने और वहां से वाइल्ड डॉग्स या अन्य वन्यजीव प्राप्त करने के साथ ही राजस्थान से सोन चिड़िया लाने के निर्देश दिए.’
बाघ, चीता, तेंदुआ, और गिद्ध MP में सबसे ज्यादा
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘मुझे प्रसन्नता है कि बाघ, चीता, तेंदुआ, भेड़िया, घड़ियाल और गिद्धों के संरक्षण और उनकी संख्या के मामले में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है. हाथियों के अनुरक्षण के लिए सहायक महावत के पद बढ़ाए जाएंगे.’
आंध्र प्रदेश को बाघ एवं गौर उपलब्ध कराने तथा वहां से वाइल्ड डॉग्स या अन्य वन्यजीव प्राप्त करने के साथ ही राजस्थान से सोन चिड़िया लाने के निर्देश दिए।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 18, 2026
मुझे प्रसन्नता है कि बाघ, चीता, तेंदुआ, भेड़िया, घड़ियाल और गिद्धों के संरक्षण तथा उनकी संख्या के मामले में मध्यप्रदेश, देश में… pic.twitter.com/Jv1p281FPw
वन्य जीवों के संरक्षण के लिए टास्क फोर्स का गठन
सीएम ने कहा, ‘वन अपराधों की रोकथाम और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. कमांड और कंट्रोल रूम के लिए निर्देश दे दिए गए हैं.’
गुरुवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अधिकारियों को पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं.
300 देवस्थान किए जाएंगे विकसित
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि जंगल में जनजातीय लोगों के 300 देवस्थानों को विकसित करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा अब तक 1421 देवस्थानों को संरक्षित कर लिया गया है.
सीएम ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2026 में कुल 17.76 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ है. तेंदुपत्ता संग्राहकों को इस साल कुल ₹710.71 करोड़ की बोनस राशि वितरित की जाएगी.
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