LPG Crisis: कमर्शियल गैस पर केंद्र ने लागू की नई कोटा व्‍यवस्‍था, 3 महीने की औसत खपत के आधार पर मिलेगा सिलेंडर

LPG Crisis: सरकार की नई व्‍यवस्‍था को उद्देश्‍य है कि आवश्‍यक सेवाओं और संस्‍थानों को पहले प्राथमिकता दी जाए और अनियमित वितरण, कालाबाजारी पर पूरी तरह से नियंत्रण लगाई जाए.
LPG Gas Cylinder

काॅमर्शियल गैस सिलेंडर

LPG Crisis: कमर्शियल गैस की आपूर्ति व्‍यवस्‍था में केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने अलग-अलग सेक्टर के लिए स्‍पष्ट कोटा निर्धारित कर दिया है. सरकार की नई व्‍यवस्‍था को उद्देश्‍य है कि आवश्‍यक सेवाओं और संस्‍थानों को पहले प्राथमिकता दी जाए और अनियमित वितरण, कालाबाजारी पर पूरी तरह से नियंत्रण लगाई जाए.

खपत के आधार पर मिलेगा सिलेंडर

इंदौर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का वितरण अब पिछले तीन महीने की खपत के औसत अनुसार किया जाएगा. सभी उपभोक्ताओं की दिनभर की जरूरत तय करके उसी अनुपात में होटल, रेस्‍टोरेंट, कैटरिंग और भी अन्‍य प्रतिष्‍ठानों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे.

इस फैसले से अचानक बढ़ने वाली मांग और स्‍टॉक जमा करने जैसी सभी प्रवृत्ति‍यों पर रोक लगेगी और सभी उपभोक्ताओं को उनकी आवश्‍यकता के अनुसार गैस सिलेंडर मिलेगा. इसमें सबसे खास बात यह है कि जिन उपभोक्ताओं ने कमर्शियल गैस में पिछले तीन माह से काई बुकिंग नहीं है, उन्‍हें इसका लाभी नहीं मिलेगा.

नई काेटा व्‍यवस्‍था

  • केंद्र सरकार की नई व्‍यवस्‍था के तहत शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्‍थानों को उनकी जरूरत के अनुसार 100 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी, जो कुल कमर्शियल गैस का करीब 30 प्रतिशत होगा.
  • नई व्‍यवस्‍था के अनुसार, होटल, रेस्‍टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर में 9-9 प्रतिशत गैस आवंटित की जाएगी.
  • दाबा और स्‍ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए नई व्‍यवस्‍था के तहत 7 प्रतिशत गैस निर्धारित है.
  • केंद्रीय सशस्‍त्र बल, पुलिस, जेल, सामाजिक न्‍याय विभाग आदि संस्‍थानों और दीनदयाल रसोई योजना के लिए 35 प्रतिशत गैस तय की गई है.
  • फार्मास्‍यूटिकल, फूड प्रोसेसि‍ंग, पोल्‍ट्री और सीड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए 5 प्रतिशत, वहीं अन्‍य उद्योगों के लिए भी 5 प्रतिशत गैस निर्धारित की गई है.
  • केंद्र की नई व्‍यवस्‍था के अनुसार, इन सभी श्रेणियों को पिछले तीन माह की औसत खपत के आधार पर ही सिलेंडर की सप्‍लाई की जाएगी.

घरेलू गैस बुकिंग में आ रही पेरशानी

घरेलू गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग व्‍यवस्‍था में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है. पेट्रोलियम कंपनियों के नंबरों पर कॉल करने के बावजूद बुकिंग नहीं हो पा रही है. मिस कॉल और व्हाट्सऐप चैट करने वाली सुविधा को भी अस्‍थायी रूप से बंद कर दिया गया है. उपभोक्ताओं को इसके लिए मैसेज मिल रहे हैं कि जल्‍द ही नया बुकिंग नंबर जारी किया जाएगा और उपभोक्ताओं को बार-बार कॉल न करने की अपील की है.

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