MP में खाद्य मिलावट पर कांग्रेस का हमला, जीतू पटवारी ने सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल, कहा- 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल

पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है और प्रशासनिक ढिलाई के चलते ऐसे अवैध कारोबार फल-फूल रहे हैं.
Jitu Patwari (File Photo)

जीतू पटवारी(File Photo)

MP News: मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट को लेकर सियासत तेज हो गई है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि मिलावटखोरी अब आम शिकायत नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर संकट बन चुकी है.

2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल

पटवारी ने हाल ही में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2000 से अधिक फूड सैंपल फेल पाए गए हैं, जो बेहद चिंताजनक है. खासतौर पर ग्वालियर में सामने आए करीब 420 मामलों ने सरकार की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि यह समस्या किसी एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैल चुकी है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि दूध, मावा, पनीर और घी जैसे रोजमर्रा के डेयरी उत्पादों में सबसे ज्यादा मिलावट पाई जा रही है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की मिलावट से फूड पॉइजनिंग के अलावा डायबिटीज, हृदय रोग और हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है.

‘अवैध कारोबार फल-फूल रहे हैं’

पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है और प्रशासनिक ढिलाई के चलते ऐसे अवैध कारोबार फल-फूल रहे हैं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर नियमित जांच और कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. कांग्रेस ने मांग की है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं, खाद्य पदार्थों की पारदर्शी जांच व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए. पटवारी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी.

ये भी पढे़ं: MP News: राज्यसभा चुनाव से पहले सियासत तेज, उमंग सिंगार बोले – विधायकों को तोड़ने और खरीदने की कोशिश हो रही

ज़रूर पढ़ें