MP News: मऊगंज में संजीवनी अस्पताल बना भ्रष्टाचार का प्रतीक! निर्माण पूरा होने से पहले ही गिरने लगी छतें
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MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा संजीवनी अस्पताल अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बनता जा रहा है. मऊगंज नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 11 में निर्माणाधीन इस अस्पताल में नियमों और गुणवत्ता मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. हालात इतने खराब हैं कि भवन की छत बनने से पहले ही दरकने और गिरने लगी, जिससे निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
ठेकेदार और नगर परिषद के इंजीनियर की मिलीभगत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और नगर परिषद के इंजीनियर की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का पूरा काला खेल संचालित किया जा रहा है. गुणवत्ता विहीन सामग्री का उपयोग कर लाखों रुपये की सरकारी राशि को ठिकाने लगाया जा रहा है. छत गिरने के बाद जिम्मेदारों ने जांच कराने के बजाय आनन-फानन में प्लास्टर कर मामले को दबाने की कोशिश शुरू कर दी. लोगों का कहना है कि यह सिर्फ लीपापोती है ताकि भ्रष्टाचार की सच्चाई सामने न आ सके.
जिस अस्पताल में लोगों का इलाज होना था, वही अस्पताल निर्माण के दौरान ही खंडहर जैसी हालत में पहुंच गया है. जनता का आरोप है कि ठेकेदार अपनी जेब भरने में लगा है और नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद कर बैठे हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इंजीनियर को यह भ्रष्टाचार दिखाई क्यों नहीं दे रहा? क्या पूरा खेल उनकी सहमति और संरक्षण में चल रहा है?
जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई?
संजीवनी अस्पताल को लोग उम्मीदों के मंदिर के रूप में देख रहे थे, लेकिन भगवान बैठने से पहले ही यह भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. लाखों की लागत से तैयार हो रही यह बिल्डिंग अब सरकार और जनता के सपनों के साथ खिलवाड़ करती नजर आ रही है.
अब पूरे मामले में निगाहें मऊगंज जिला प्रशासन और कलेक्टर पर टिकी हैं. जनता पूछ रही है कि आखिर किसके दम पर भ्रष्टाचार का यह खेल खेला जा रहा है और क्या खबर सामने आने के बाद जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई होगी या नहीं?