आशियाना उजड़ा तो छलके आंसू… मुरैना में अतिक्रमण हटाने पहुंचा बुलडोजर, 4 मजदूर परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर

MP News: शहर के बड़ोखर स्थित स्टेट सर्वे क्रमांक 934 की जमीन पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चार मजदूर परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चला दिया.
Bulldozers Demolish 4 Houses

4 घरों पर चला बुलडोजर

रिपोर्ट – मनोज शर्मा

MP News: मुरैना शहर के बड़ोखर स्थित स्टेट सर्वे क्रमांक 934 की जमीन पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चार मजदूर परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चला दिया. कार्रवाई के बाद परिवारों के सामने रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया. महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे खुले आसमान के नीचे अपना सामान समेटते नजर आए. घर टूटने के बाद परिवारों का दर्द मौके पर साफ दिखाई दिया.

20 वर्षों से रह रहे थे मजदूर परिवार

जानकारी के अनुसार, उक्त जमीन पर करीब दो वर्ष पूर्व जीडी जैन हायर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण किया गया था. स्कूल परिसर के पास पिछले लगभग 20 वर्षों से मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले चार परिवार कच्चे-पक्के मकान बनाकर रह रहे थे. बताया जा रहा है कि स्कूल प्राचार्य जादौन द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी.

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

इसके बाद नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. बुलडोजर चलते ही परिवारों में हड़कंप मच गया. घर टूटते देख महिलाओं की आंखों से आंसू बहने लगे, वहीं मासूम बच्चे अपने टूटते आशियाने को देखकर बिलखते नजर आए.

परिवारों ने लगाई मोहलत की गुहार

पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रहकर मजदूरी के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. उन्होंने अधिकारियों से कुछ समय की मोहलत देने की गुहार भी लगाई, लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी. कार्रवाई के बाद परिवारों का पूरा सामान खुले में पड़ा रहा और अब उन्हें खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है.

घटना के बाद इलाके में प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

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