Jabalpur: जबलपुर में इंजीनियर छात्रों ने तैयार किया ‘अन्तरगीता’ AI ऐप, भगवद् गीता के श्लोक से होगा मानसिक परेशानियों का समाधान
'अन्तरगीता' AI ऐप
Jabalpur News: संस्कार और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम अब जबलपुर में देखने को मिल रहा है. शहर के प्रतिष्ठित जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों और फैकल्टी ने मिलकर एक ऐसा AI आधारित मोबाइल एप तैयार किया है, जो युवाओं की मानसिक परेशानियों का समाधान भगवद गीता के माध्यम से करने का दावा करता है. इस अनोखे एप का नाम है “अन्तरगीता”
भगवद् गीता के श्लोक से मिलेगा समाधान
“अन्तरगीता” एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मोबाइल एप है, जिसे खासतौर पर युवाओं की मानसिक स्थिति को समझने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने के लिए तैयार किया गया है. यह एप यूजर की मनोदशा का विश्लेषण कर श्रीमद भगवद गीता के करीब 700 श्लोकों में से उपयुक्त श्लोक चुनकर समाधान प्रस्तुत करता है.
कैसे काम करेगा यह एप?
यह ऐप केवल सामान्य सलाह नहीं देता, बल्कि:
- यूजर के इनपुट (टेक्स्ट/भावनात्मक स्थिति) का AI के माध्यम से विश्लेषण करता है.
- स्थिति के अनुरूप गीता के श्लोक सुझाता है.
- हर श्लोक के साथ उसका सरल अर्थ और जीवन में उपयोग भी समझाता है.
- वीडियो इफेक्ट्स और विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए संदेश को अधिक प्रभावी बनाता है.
लाइफस्टाइल में बढ़ते तनाव को देखते हुए बनाया ऐप
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बढ़ते तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस ऐप को डिजाइन किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य मानसिक अस्थिरता को कम करना , युवाओं को सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करना ,स्क्रीन टाइम को सार्थक दिशा देना, इस इनोवेटिव प्रोजेक्ट को तैयार करने में छात्रों की एक टीम ने अहम भूमिका निभाई है. इसमें अभय बैरागी, सौरभ सिंह, माधुरी गोखले, कमल कुशवाहा, आप चौहान, दिनकर दुबे और अभिषेक गुप्ता शामिल हैं. फैकल्टी के मार्गदर्शन में तैयार इस प्रोजेक्ट को कॉलेज स्तर पर भी काफी सराहना मिली है टीम के मुताबिक “अन्तरगीता” ऐप को जल्द ही प्रदेश स्तर पर लॉन्च किया जाएगा.
प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर होगा उपलब्ध
इसके बाद यह Google Play Store और Apple App Store पर भी उपलब्ध होगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे. “अन्तरगीता” केवल एक ऐप नहीं, बल्कि यह भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के मेल का उदाहरण है. जहां एक ओर यह युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास करता है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल प्लेटफॉर्म का सकारात्मक उपयोग भी सिखाता है.अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो आने वाले समय में यह ऐप मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा दे सकता है.
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