राहुल देव राजा ने बता दिया कब कराएंगे मुंडन? विस्तार न्यूज से बोले – सिर कट जाए, लेकिन वचन खाली नहीं जाएगा
राहुल देव राजा
MP News: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के साथ ही चुनाव शोरगुल थम गया है लेकिन राजनीतिक बयानबाजी और अंतर्कहल तेज हो गई है. जहां एक ओर कांग्रेस नेता जीत का जश्न मना रहे हैं तो वहीं, बीजेपी में हार के कारणों की समीक्षा के लिए कमेटी बना दी गई है. इसके साथ ही लोगों को वो बयान भी याद आ गया है, जिसमें राहुल देव राजा ने कहा था कि इस चुनाव में बीजेपी हारती है तो वे मुंडन करा लेंगे. परिणाम के सामने आने के बाद उन्होंने विस्तार न्यूज से बात की. बताया कि वे कब मुंडन कराने जा रहे हैं.
‘भविष्य में विजय के द्वार दिख रहे हैं’
राहुल देव राजा ने कहा कि हमें पिछली बार से 1700 वोट ज्यादा मिले हैं. जनादेश हमारे पक्ष में है, हम विजय की ओर हैं. जैसे महाराणा प्रताप हल्दी घाटी का युद्ध हारे थे तब विजय के द्वार खुले थे. हमें भविष्य में विजय के द्वार दिख रहे हैं. हमारे कार्यकर्ता और हम सब लोग उमंग और उत्साह से भरे हुए हैं. साल 2028 में हम प्रचंड बहुमत से जीतेंगे. दतिया मुख्यधारा से जुड़ेगी. कांग्रेस के टिकट बांटने का पैमाना क्या है? क्या अगड़े-पिछड़े, दलित किसी को टिकट नहीं देंगे.
‘आशुतोष तिवारी कर्मयोगी हैं’
बीजेपी द्वारा टिकट वितरण में चूक और आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी कर्मयोगी हैं. उनके पिताजी अटल बिहारी वाजपेयी के साथी थे. उन्होंने पूरा जीवन पार्टी के खपाया है. उमड़ा हुआ सैलाब दिखाता है कि उन्होंने क्या कार्य किए होंगे? कांग्रेस का ये काम है, उन्होंने आशुतोष तिवारी और मेरे चरित्र पर भी दाग लगाए. उन्होंने आगे कहा कि घनश्याम सिंह की कुर्सी इंद्र की तरह है. जो भी तपस्या करेगा इनकी कुर्सी डोलेगी. दामोदर यादव ने क्यों छोड़ा? राजेंद्र भारती को क्यों निकाला? भारती के बेटे का अधिकार था, ये वे जानते थे. कांग्रेस षड्यंत्र की पार्टी है. ये लोग परिवार-परिवार खेलते हैं.
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राहुल देव ने मुंडन कराने के बारे में क्या कहा?
सूरमा इस जग में जो अपनी राह बनाता है. कोई पदचिन्हों पर चलता है तो कोई पदचिन्ह बनाता है. मैं जमीन से जुड़ा हुआ व्यक्ति हूं और जमीन से निकला हुआ व्यक्ति हूं. जागीरदार परंपरा से आता हूं और आज दादा महाराज की गद्दी पर बैठा हूं. यही इनके पेट दुखने की वजह है कि ये योग्य व्यक्ति आगे क्यों आ रहा है? वचन के बारे में उन्होंने कहा कि रही बात वचन की तो जिस गद्दी से मैं आता हूं और मेरे पूर्वज कर्नल पूरन सिंह दोनों ने हमें एक ही बात बताई है कि सिर कट जाए लेकिन वचन और जबान खाली ना जाए. उन्होंने आगे कहा कि इसी महीने धर्मपरायण तरीके से वचन पूरा किया जाएगा. जीवन धर्म को दिया है. हिंदू हूं, धर्म और संस्कृति से ही जीवन जीऊंगा.