पहले हार, फिर पद भी नहीं मिला और अब टिकट भी हाथ से गया…क्या दतिया में खत्म हो गया नरोत्तम मिश्रा का दबदबा?
नरोत्तम मिश्रा
Datia By-Election: मध्य प्रदेश में दतिया उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारा है. जिसके बाद दतिया में विवाद शुरू हो गया. नरोत्तम मिश्रा के गुस्साए समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया और जब जाम खुलवाने पहुंची पुलिस, तो उस पर भी पथराव कर दिया. जिसके बाद प्रशासन ने BNS 163 भी लागू कर दिया. यहां जानते हैं कि कैसे कभी मध्य प्रदेश के दूसरे नंबर के कद्दावर माने जाने वाले नेता पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर आखिर पार्टी ने अपना भरोसा क्यों नहीं जताया? बड़ा सवाल यह है कि क्या पार्टी उन्हें किनारे लगाने का प्रयास कर रही है. हालांकि, टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने अपना बयान दिया है. जानें उन्होंने क्या कहा?
ग्वालियर-चंबल की राजनीति के एक मजबूत चेहरा रहे नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. इसके साथ ही एक सवाल भी खड़ा हो गया कि जिस नेता ने 15 साल तक दतिया का प्रतिनिधित्व किया, मंत्री रहे, प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा रहे, उसी पर पार्टी ने आखिर भरोसा क्यों नहीं जताया. हालांकि, नरोत्तम मिश्रा के लिए 2023 का विधानसभा चुनाव हारना उनकी राजनीति का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
दतिया से 3 बार विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा का पैतृक घर है. लेकिन साल 2008 में जब परिसीमन हुआ तो डबरा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई. जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा ने दतिया का रुख किया और वहां से वे 3 बार लगातार विधायक चुने गए. इस दौरान उन्होंने गृहमंत्री जैसे बड़े पदों पर जिम्मेदारियां निभाई. लेकिन साल 2023 के चुनाव में उन्हें करारा झटका लगा और वे कांग्रेस के राजेंद्र भारती से चुनाव हार गए. हाल ही में राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द हो गई, जिसके बाद दतिया में उपचुनाव की घोषणा हुई. उपचुनाव की घोषणा होते ही भाजपा उम्मीदवार के तौर पर सिर्फ एक नाम चल रहा था, वह है नरोत्तम मिश्रा, लेकिन जब लिस्ट आई, तो नरोत्तम मिश्रा का नाम गायब रहा.
क्या बोले नरोत्तम मिश्रा?
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, मैंने कल भी विस्तार से कहा था और आज भी विस्तार से कह रहा हूं टिकट देने का निर्णय पार्टी का है. मैंने सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो देखे हैं, लोग विरोध कर रहे हैं, मिट्टी का तेल, पेट्रोल फेंक रहे हैं. मैं कार्यकर्ताओं से निवेदन करते हुए कहना चाहता हूं कि ऐसा कोई कार्य न करें, ये तरीका गलत है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी का अपना फोरम है, अपनी बात रखने का और कहने का एक तरीका होता है. इस तरह से बात नहीं रखी जाती है.
30 जुलाई को होगा मतदान
फिलहाल, नरोत्तम मिश्रा के टिकट काटने की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है. पार्टी ने उनका टिकट काटकर आशुतोष तिवारी पर दांव क्यों खेला. यह तो पार्टी ही जानें, लेकिन पार्टी के इस निर्णय ने राजनीतिक हलचल जरूर तेज कर दी है. सूत्रों के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने की वजह 2023 की हार, संगठन के फीडबैक, स्थानीय समीकरण और सोशल इंजीनियरिंग को वजह माना जा रहा है. बता दें, दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा, जिसकी गणना 3 अगस्त को की जाएगी.