सिंधिया परिवार के 40,000 करोड़ के संपत्ति बंटवारे पर सुनवाई टली, कोर्ट ने 28 जुलाई को तलब किए रिकॉर्ड
सिंधिया परिवार संपत्ति विवाद
Gwalior News: देश के सबसे चर्चित राजघरानों में शामिल सिंधिया राजपरिवार के करीब 40 हजार करोड़ रुपये के पैतृक संपत्ति विवाद पर ग्वालियर जिला कोर्ट में अहम सुनवाई हुई है. ऐसा माना जा रहा था कि कोर्ट में चला रहा दशकों पुराना ये विवाद आज आपसी सहमति से खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इसकी वजह है कि कोर्ट ने बीती सुनवाई के दौरान जिन संपत्तियों का रिकॉर्ड तलब किया था, वह सुनवाई के दौरान पेश नहीं किया जा सका.
रियासतों के विलय के समय हुए कॉवेनेंट की प्रति तलब
ऐसे में कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की तारीख बढ़ाते हुए 28 जुलाई तय कर दी और मामले से जुड़े मूल रिकॉर्ड और रियासतों के विलय के समय हुए कॉवेनेंट की प्रति तलब किए है. अदालत ने उस कॉवेनेंट की प्रति मांगी जो आजादी के बाद रियासतों के भारत में विलय के लिए तैयार की गई थी. इन्हीं प्रतियों के आधार पर तय होगी कि किस संपत्ति का मालिकाना हक किसके पास है और कौन-कौन सी संपत्ति सराकर द्वारा हस्तांतरित की जाएंगी.
ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन ने दर्ज कराई आपत्ति
ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ पद्मराजे की बेटी प्रतिमा देवी ने इस केस में जिला अदालत में आवेदन दर्ज किया है. प्रतिमा का कहना है कि पैतृक संपत्ति में उन्हे हिस्सा नहीं मिला, फैसला लेने से पहले मेरी आपत्ति सुनी जाए. प्रतिमा की साथ उनकी बहन कनिका भी इसकी पक्षधर है.
4 दशकों से चल रहा विवाद
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच 40 हजार करोड़ की पैतृक संपत्ति को लेकर बटवारा समझौता होना है. इस संपत्ति को लेकर बीते 4 दशकों से विवाद चल रहा है.
कौन-कौन सी संपत्तियां हैं शामिल
करीब 40 हजार करोड़ रुपये कीमत की इस पैतृक संपत्ति में जयविलास पैलेस, ऊषा किरण पैलेस, रानी महल, छोटी विश्रांति, शिवपुरी का माधव विलास पैलेस, दिल्ली का सिंधिया विला, ग्वालियर हाउस, वाराणसी का सिंधिया घाट समेत कई ऐतिहासिक संपत्तियां और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं.
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