MP में नर्सिंग कॉलेज की मान्यता के फर्जीवाड़े का मामला, सिर्फ पात्र कॉलेजों के स्टूडेंट्स देंगे एग्जाम; HC ने सुनाया आदेश

मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज की मान्यता के मामले में हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा आदेश सुनाया है. हाई कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि सिर्फ पात्र कॉलेजों के स्टूडेंट्स एग्जाम दे सकेंगे.
Jabalpur High Court (File Photo)

जबलपुर हाई कोर्ट(File Photo)

MP News: लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की बहुतचर्चित जनहित याचिका मामले में आज हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की. नर्सिंग कौंसिल की ओर से हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों के लंबित परीक्षाएं कराने और परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी, वहीं याचिकाकर्ता ने मामले में सीबीआई जांच में अनस्टेबल पाये गए कॉलेजों की परीक्षाओं पर आपत्ति ली.

दोनों पक्षों की बहस के उपरांत हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल को शैक्षणिक सत्र 2022-23 के GNM प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है. इसके अतिरिक्त, काउंसिल को शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लगभग 9000 छात्रों के लिए GNM तृतीय वर्ष की परीक्षा आयोजित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है.

हाई कोर्ट ने कमियां दूर कर परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी

हाईकोर्ट ने यह राहत सिर्फ सीबीआई जांच के दायरे में आए कुल 695 नर्सिंग कॉलेजों में से सूटेबल पाए गए 156 कॉलेज सहित, अपनी कमियों को दूर कर सूटेबल का दर्जा पाने वाले 89 कॉलेजों को दी है. हाईकोर्ट ने इन उपयुक्त और कमियां दूर करने वाले कॉलेजों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है.

मानकों को पूरा ना करने वालों पर कोर्ट का रुख बरकरार

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शेष बचे हुए अन्य कॉलेजों से संबंधित परीक्षाओं के आयोजन पर फिलहाल रोक रहेगी. इस निर्णय से जहां एक ओर हजारों योग्य छात्रों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर मानकों को पूरा न करने वाले संस्थानों पर न्यायालय का कड़ा रुख बरकरार है.

मामले में पैरवी हेतु एडवोकेट आलोक वागरेचा एवं याचिकाकर्ता विशाल बघेल स्वयं उपस्थित थे दूसरी ओर शासन की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने पैरवी की.

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