ना लाइब्रेरी, ना डिजिटल क्लास…फिर भी लाखों का भुगतान करने के निर्देश, मुरैना में ‘डिजिटल शाला’ योजना पर उठे सवाल

Morena News: मामला तब चर्चा में आ गया जब यह आरोप सामने आए कि कई विद्यालयों में डिजिटल शाला का सेटअप शुरू तक नहीं हुआ. भुगतान प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इससे योजना की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं
morena Irregularities in Digital Shala funds have come to light

"डिजिटल शाला" के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान का मामला

Morena News: (मनोज शर्मा की रिपोर्ट) मुरैना जिले के स्कूलों में “डिजिटल शाला” के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दिमनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में डिजिटल सेटअप स्थापित करने के लिए प्रति विद्यालय 1 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, लेकिन कई विद्यालयों में अभी तक न तो डिजिटल क्लास शुरू हुई है और न ही सेटअप का कार्य पूरा हुआ है.

विधायक निधि से हुआ भुगतान

जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान मुरैना द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह राशि विधायक निधि से उपलब्ध कराई गई है. आदेश में विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि डिजिटल शाला का कार्य पूर्ण होने के बाद निर्धारित फर्म V.R. Infotech के खाते में चेक या आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जाए.

कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

हालांकि, मामला तब चर्चा में आ गया जब यह आरोप सामने आए कि कई विद्यालयों में डिजिटल शाला का सेटअप शुरू तक नहीं हुआ. भुगतान प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इससे योजना की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. पत्र में विद्यालयों को प्राप्त सामग्री का स्टॉक पंजी में संधारण करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं. आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है.

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डिजिटल शाला का काम शुरू ही नहीं हुआ

अब अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की निगाह इस बात पर टिकी है कि डिजिटल शिक्षा के नाम पर जारी की गई. राशि का उपयोग वास्तव में विद्यार्थियों के हित में होता है या नहीं. यदि कार्य पूर्ण होने से पहले भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, तो इसकी जांच की मांग भी उठ सकती है. बड़ा सवाल ये है कि जब कई स्कूलों में डिजिटल शाला का काम शुरू ही नहीं हुआ, तो भुगतान की जल्दबाजी क्यों? क्या पहले व्यवस्था बनेगी या पहले फंड जारी होगा.

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