12 साल बाद भी खत्‍म नहीं हुआ इंतजार! MP के इस गांव में पानी सबसे बड़ी चुनौती, योजनाएं फेल

Morena Water Crisis: करीब 4.30 करोड़ रुपये की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना स्‍वीकृत होने के बाद भी ग्रामीणों को जरूरत के हिसाब का पानी पीने के लिए अपनी जेब से पैसा देना पड़ रहा है.
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सांकेतिक तस्‍वीर

Morena Water Crisis Continues: मध्‍य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित रामपुरकलां में पानी का संकट करीब 12 साल से खत्म हाेने का नाम नहीं ले रही है. करीब 4.30 करोड़ रुपये की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना स्‍वीकृत होने के बाद भी ग्रामीणों को जरूरत के हिसाब का पानी पीने के लिए अपनी जेब से पैसा देना पड़ रहा है. ग्रामीण लोगों के मुताबिक, पीने का पानी आधे घंटे लेने के लिए 200 रुपये और एक घंटे लेने के लिए 400 रुपये देने पड़ रहे हैं.

कलेक्टर के निर्देश का भी कोई असर नहीं

जानकारी के मुताबिक, 11 मई को जिला कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने रामपुरकलां में ग्राम चौपाल का आयोजन किया था. इसी समय उन्‍होंने कलेक्टर ने तत्कालीन पीएचई एसडीओ शालिनी सिंह से जल-जीवन मिशन योजना के शुरू होने की जानकारी मांगी थी. इसके बाद एसडीओ ने योजना को 3 महीने में शुरू करने की जानकारी दी थी. वहीं अब करीब 4 महीने से ज्यादा का समय निकल चुका है, लेकिन नल-जल योजना अभी भी चालू नहीं हो पाई है.

रामपुरकलां में हर घर पानी पहुंचाने के लिए योजना का काम जारी है. ये कार्य जल जीवन मिशन के तहत किया जा रहा है, लेकिन अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है. पानी की टंकी के लिए ढांचा पिलर खड़े करने के लिए तैयार किए जा चुके हैं, लेकिन वहीं देखे तो अब तक प्‍लास्‍टर का काम नहीं हो पाया है.

ऑडिट के लिए जाएगी टीम

पूरे मामले में सीईओ कमलेश भार्गव का कहना है कि रामपुरकलां क्षेत्र में पानी की समस्‍या बनी है. अब स्थिति का जायजा लिया जाएगा और टीम ऑडिट के लिए भेजी जाएगी. उन्‍होंने कहा कि जरूरत के हिसाब से नए बोर कराए जाएंगे और जो भी बोर बंद है या खराब पड़े है उनकी जांच कराई जाएगी.

दिसंबर 2028 तक हर घर नल से जल का लक्ष्‍य

केंद्रय सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत 15 अगस्‍त 2019 को की थी. इसको बढ़ाकर अब जल जीवन मिशन 2.0 कर दिया है. इस योजना के तहत दिसंबर 2028 तक ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार के घर नल से शुद्ध जल उपलब्ध कराना है.

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