अचलेश्वर महादेव की दान पेटी से निकलीं अनोखी मन्नतें, युवक ने लिखा- जब तक 1 लाख रुपये महीना नहीं कमाऊंगा, सुंदर लड़कों की ओर नहीं देखूंगा
अनोखी मन्नतें
MP News: ग्वालियर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां खुलीं तो उनमें सिर्फ लाखों रुपये का चढ़ावा ही नहीं मिला, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं से भरी दर्जनों मन्नतों की पर्चियां भी सामने आईं. इनमें एक युवक की पर्ची सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसने भगवान शिव से संकल्प लिया कि जब तक उसकी मासिक आय एक लाख रुपये नहीं हो जाती, तब तक वह सड़क पर कितने भी सुंदर लड़के दिखें, उनकी ओर नहीं देखेगा.
दान पेटी खुली तो सामने आईं भावनाओं से भरी पर्चियां
अचलेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट ने बैंक और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में जून माह की दान पेटियों को खोला. नोटों, सिक्कों और चांदी के चढ़ावे के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की लिखी मन्नतों की पर्चियां भी निकलीं, जिन्हें अलग से सुरक्षित रखा गया. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा एक युवक की पर्ची की रही. युवक ने लिखा कि वह जल्द अमीर बनना चाहता है और इसके लिए भगवान शिव के सामने कई संकल्प ले रहा है.
उसने लिखा कि वह खुद से बातें नहीं करेगा, दिन में बेवजह सपने नहीं देखेगा, बिना वादा किए कोई काम नहीं करेगा और जब तक उसकी मासिक आय एक लाख रुपये नहीं हो जाती, तब तक किसी के घर भी नहीं जाएगा.
अनोखे संकल्प ने सबको किया हैरान
पर्ची के पीछे लिखी एक बात ने सभी का ध्यान खींचा. युवक ने लिखा कि अगले दो से तीन वर्षों में वह अमीर बनेगा, हमेशा खुश रहेगा और सड़क पर कितने भी सुंदर लड़के दिखाई दें, वह उनकी ओर नहीं देखेगा. आत्मअनुशासन और सफलता से जुड़े इस अनोखे संकल्प ने दान राशि की गिनती कर रहे अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों को भी हैरान कर दिया.
री-नीट और सरकारी मेडिकल कॉलेज की भी मांगी मन्नत
दान पेटी से निकली एक दूसरी पर्ची भी चर्चा में रही. इसमें एक छात्र ने री-नीट परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन और मध्य प्रदेश के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की प्रार्थना भगवान अचलेश्वर महादेव से की थी. इसके अलावा कई श्रद्धालुओं ने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई, आर्थिक संकट से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अपनी मन्नतें लिखी थीं.

दान पेटी से मिले लाखों रुपये और चांदी के नाग-नागिन
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, हर महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लिखकर दान पेटी में डालते हैं. जून माह की गणना में करीब 20 सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों और डाक विभाग के अधिकारियों की टीम शामिल रही. इस दौरान दान पेटियों से 5 लाख 52 हजार 580 रुपये नकद, चांदी के नाग-नागिन के जोड़े और कुछ पुराने सिक्के भी प्राप्त हुए.
मंदिर की दान पेटी में जमा ये पर्चियां बताती हैं कि आस्था सिर्फ चढ़ावे तक सीमित नहीं होती, बल्कि लोग अपने सपने, संघर्ष और उम्मीदें भी भगवान के चरणों में समर्पित कर देते हैं.
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