MP News: महिला पार्क बना अतिक्रमणकारियों का अड्डा, करोड़ों की सौगात चढ़ी बदहाली की भेंट

MP News: नगर निगम मुख्यालय के ठीक पीछे स्थित यह पार्क वर्षों से उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार है. हालात यह हैं कि पार्क के दोनों प्रवेश द्वारों पर ताले लटके हुए हैं.
Women's park

महिला पार्क

रिपोर्ट – मनोज शर्मा

MP News: मुरैना शहर में महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया इकलौता महिला पार्क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. नगर निगम मुख्यालय के ठीक पीछे स्थित यह पार्क वर्षों से उपेक्षा और अतिक्रमण का शिकार है. हालात यह हैं कि पार्क के दोनों प्रवेश द्वारों पर ताले लटके हुए हैं, जबकि अंदर डेयरी संचालक द्वारा पनीर और मावा बनाने की भट्टी संचालित की जा रही है. महिलाओं के लिए बनाए गए इस विशेष पार्क में अब महिलाओं की जगह मवेशियों, शराबियों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी अधिक दिखाई देती है.

जानकारी के अनुसार करीब सात साल पहले तत्कालीन नगर निगम आयुक्त के कार्यकाल में इस महिला पार्क का विस्तार और सौंदर्यीकरण कराया गया था. महिलाओं और युवतियों के लिए यहां लाइब्रेरी, ओपन जिम, बैठने की व्यवस्था, वॉकिंग ट्रैक और योग स्थल जैसी सुविधाएं विकसित की गई थीं. उद्देश्य था कि महिलाएं सुरक्षित वातावरण में सुबह-शाम सैर कर सकें और स्वास्थ्य गतिविधियों में भाग ले सकें.

लेकिन समय के साथ यह पार्क अपनी पहचान खोता चला गया. पार्क के मुख्य द्वार और पीछे के दरवाजे पर ताले लगा दिए गए हैं. अंदर प्रवेश आम नागरिकों के लिए लगभग बंद है, लेकिन डेयरी संचालक द्वारा खुलेआम पनीर और मावा तैयार करने का काम किया जा रहा है. पार्क परिसर में भट्टी, बर्तन और डेयरी सामग्री रखी हुई दिखाई देती है.

लाइब्रेरी बंद, जिम जर्जर और चारों ओर गंदगी

एक समय महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा यह पार्क अब अव्यवस्था का प्रतीक बन चुका है. पार्क के भीतर बनी लाइब्रेरी वर्षों से बंद पड़ी है. महिलाओं के लिए स्थापित ओपन जिम के उपकरण जर्जर हो चुके हैं. जगह-जगह कचरे के ढेर, सूखे पत्ते और टूटे-फूटे निर्माण कार्य नजर आते हैं. कई हिस्सों में मवेशियों का डेरा बना हुआ है, जिससे पार्क की हरियाली और सुंदरता नष्ट हो रही है.

शराबियों और मनचलों का अड्डा बना पार्क

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही पार्क के आसपास शराबियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस पार्क में अब महिलाएं जाने से कतराती हैं. बस स्टैंड के नजदीक स्थित होने के कारण यहां आने-जाने वाले यात्रियों को भी असुरक्षा का एहसास होता है.

नगर निगम की अनदेखी पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित इस पार्क की बदहाली पर अधिकारियों की नजर अब तक क्यों नहीं पड़ी. करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित की गई सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कोई ठोस कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा.

शहरवासियों की मांग

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि महिला पार्क को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, डेयरी संचालन पर कार्रवाई की जाए और महिलाओं के लिए पार्क को फिर से खोला जाए. साथ ही लाइब्रेरी, जिम और अन्य सुविधाओं को पुनर्जीवित कर पार्क को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए.

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