‘बड़वानी में बिना फिल्टर पानी पीने लायक नहीं’, NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने नर्मदा की जल गुणवत्ता पर उठाए सवाल

कानूनगो ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग इसी पानी पर निर्भर हैं. उन्होंने सैंपल दिखाते हुए बताया कि इसमें अशुद्धियां साफ दिखाई दे रही हैं, जिससे सीधे उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
Priyank Kanoongo did water testing in Barwani.

बड़वानी में प्रियंक कानूनगो ने पानी की टेस्टिंग की.

Input- सचिन राठौर

MP News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बड़वानी जिले में नर्मदा नदी के पानी की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने दावा किया है कि यह पानी बिना फिल्टर के पीने योग्य नहीं है. नर्मदा किनारे पहुंचकर कानूनगो ने स्वयं कांच के जार में पानी का सैंपल लिया और उसकी जांच की. उनके अधिकृत एक्स अकाउंट पर वायरल एक वीडियो में, वह बड़वानी दौरे के दौरान नदी के किनारे पानी की स्थिति का निरीक्षण करते दिखे.

शुद्ध जल ना होने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ा

कानूनगो ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लोग इसी पानी पर निर्भर हैं. उन्होंने सैंपल दिखाते हुए बताया कि इसमें अशुद्धियां साफ दिखाई दे रही हैं, जिससे सीधे उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.

उन्होंने प्रशासन से जल की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पर जोर दिया. कानूनगो ने नियमित जांच और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि उचित शुद्धिकरण के अभाव में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया

प्रियंक कानूनगो ने वीडियो साझा करने के साथ अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘नर्मदा जल सैंपलिंग, जिला बड़वानी. कॉलेज-स्कूलों को बच्चों के पिकनिक-टूर में यह सीखना/सिखाना चाहिए. भारत का अध्यात्म भी विज्ञान का समर्थक है. नर्मदे हर!’

इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई गांवों में शहरी इलाकों की तरह फिल्टर प्लांट या स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें सीधे नदी या अन्य स्रोतों के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है.

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