धार में फर्जी जमानत देने वाला आरोपी गिरफ्तार, रुपये के लालच में कोर्ट को किया था गुमराह

कोर्ट ने आदेश में साफ कहा है कि जमानत प्रक्रिया से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा. मजिस्ट्रेट विवेक जैन इससे पहले भी फर्जी जमानत के मामलों में सख्त रुख अपनाए हैं.
Accused Amar Singh (File Photo)

आरोपी अमरसिंह(File Photo)

Input- जफर अली

Dhar News: धार जिले के धरमपुरी न्यायालय ने रुपये के लालच में कोर्ट को गुमराह कर फर्जी जमानत देने वाले जमानतदार पर सख्त कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विवेक जैन के निर्देश पर थाना धरमपुरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, न्यायालय के प्रकरण क्रमांक आर.सी.टी. 776/2023 म.प्र. राज्य विरुद्ध राहुल में 22 जून 2026 को आरोपी राहुल को कोर्ट में पेश किया गया था, न्यायालय ने उसे 10 हजार रुपए की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

आदेश के पालन में जमानतदार अमरसिंह पिता ओंकार भिलाला, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम रणदा, तहसील मनावर ने न्यायालय में जमानत प्रपत्र पेश किए. अमरसिंह ने शपथ पत्र में उल्लेख किया कि उसने अन्य किसी प्रकरण में जमानत नहीं दी है और उसकी कृषि भूमि की पावती पर कोई पूर्व जमानत का इंद्राज नहीं है.

पूछताछ में कबूला जुर्म

न्यायालय को संदेह होने पर सख्ती से पूछताछ की गई. इसमें जमानतदार अमरसिंह ने स्वीकार किया कि उसके पास पूर्व से इसी भूमि की एक अन्य पावती है, जिस पर उसने अन्य प्रकरणों में दो बार जमानतें दी हैं. यह भी माना कि उसने पूर्व में अन्य दो जमानतें दिए जाने का कोई उल्लेख अपने प्रमाण पत्र में नहीं किया.

कोर्ट ने माना न्यायालय के साथ छल

न्यायालय ने पाया कि जमानतदार अमरसिंह द्वारा न्यायालय को प्रवंचित कर दुराशयपूर्वक अभियुक्त राहुल को जमानत पर रिहा कराने का प्रयास किया गया. इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक जैन ने BNS की धारा 318(4) सहपठित धारा 62 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट तत्काल पंजीबद्ध करने के आदेश दिए.

आरोपी को भेजा जेल

कोर्ट के आदेश पर थाना धरमपुरी में अपराध क्रमांक 145/2024 धारा 318(4) BNS के तहत प्रकरण दर्ज किया गया. थाना प्रभारी संतोषसिंह यादव ने बताया कि आरोपी अमरसिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया. आरोपी को थाना मुंशी अभिषेक मण्डलोई के हस्ते पुलिस को सौंपा गया था.

कोर्ट ने आदेश में साफ कहा है कि जमानत प्रक्रिया से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा. मजिस्ट्रेट विवेक जैन इससे पहले भी फर्जी जमानत के मामलों में सख्त रुख अपनाए हैं.

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