Indore News: साइबर अपराध पर लगेगी लगाम, महू में खुलेगा MP का पहला साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान
महू में खुलेगा MP का पहला साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर
CM Mohan Yadav announces center: मध्य प्रदेश सरकार साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है. सोमवार को राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश का पहला साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर इंदौर जिले के महू में स्थापित किया जाएगा. सरकार की इस पहल से साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और डेटा लीक का खतरा भी कम होने की संभावना है.
महू में बनेगा साइबर रिसर्च सेंटर
दरअसल, सोमवार को भोपाल में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला “Strengthening Cyber Security Framework for State Data” का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश का पहला साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर महू में खोलने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सुरक्षित डेटा ही सुरक्षित राष्ट्र की आधारशिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में डेटा एक महत्वपूर्ण संपत्ति बन चुका है और इसकी सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी है. इसलिए प्रदेश में मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करना आवश्यक है, जिसके लिए महू में इस रिसर्च सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया है.
एमसीटीई के सहयोग से संचालित होगा साइबर रिसर्च सेंटर
महू में प्रस्तावित इस साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर का संचालन और विकास मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) तथा दूसरे शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से किया जाएगा. सरकार के इस निर्णय से साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे. यह रिसर्च सेंटर इन सभी क्षेत्रों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा.
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साइबर ठगी की जांच और रोकथाम में मिलेगी मदद
इस साइबर रिसर्च सेंटर के शुरू होने के बाद साइबर अपराधों की पहचान और जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी. यह केंद्र सरकारी विभागों, नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा और डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा के लिए कार्य करेगा. इसके अलावा, साइबर अपराध, डीपफेक और डेटा लीक जैसी घटनाओं का पता लगाने में भी तेजी आएगी. वर्तमान में ऐसे मामलों की जांच और अपराधियों तक पहुंचने में कई दिन या कई महीने लग जाते हैं, लेकिन रिसर्च सेंटर की स्थापना के बाद इन खतरों की पहचान करना और उनसे निपटना आसान हो जाएगा.