‘धर्मेंद्र प्रधान आंदोलन के पहले दिन ही इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन…’, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय
MP News: NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर से शुरु हुआ प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया. अंत में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही पड़ा. शनिवार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने उन सभी विदेशी ताकतों की योजनाओं का अंत कर दिया है जो देश में हिंसा भड़काना चाहती थीं. इस दौरान उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि क्या किसी कांग्रेसी ने डंडा खाया?
कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा, “यदि पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हो जाए और कांग्रेस ढोल बजाने लगे, तो उसमें उसकी क्या भूमिका होगी? इस विरोध प्रदर्शन में उनकी क्या भूमिका थी? बच्चे विरोध कर रहे थे और कांग्रेस जाकर उनके पीछे खड़ी हो गई. इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी, बस खड़े थे. छात्रों से कहा कि तुम लट्ठ खाओ हम तुम्हारे पीछे खड़े हैं. किसी कांग्रेसी ने डंडा खाया?”
अच्छे कार्यकर्ता की यही पहचान: विजयवर्गीय
इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा, शिक्षा मंत्री ने आंदोलन के पहले दिन ही पार्टी अध्यक्ष से कहा था, “अगर आपको लगता है कि मुझे इस्तीफा देना चाहिए, तो मैं दे दूंगा.’ लेकिन इस दौरान पार्टी अध्यक्ष ने इनकार कर दिया, लेकिन जब परिस्थितियां इस्तीफे की बनीं तो पार्टी ने फैसला किया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान ने पलक झपकते ही ऐसा कर दिया. यही एक अच्छे पार्टी कार्यकर्ता की पहचान है.
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कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनको विद्यार्थी परिषद के समय से जानते हैं. वे जिस जिम्मेदारी को भी संभालते हैं, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाते हैं. एक सच्चे और अनुशासित कार्यकर्ता की पहचान होती है कि वह पद से बड़ा संगठन और देश को मानता है.