Omkareshwar: 24 अगस्त को चांदी की पालकी में निकलेगी भगवान ओंकारेश्वर की महासवारी, गुलाब-गुलाल से होगा भव्य स्वागत
भगवान ओंकारेश्वर की महासवारी
इनपुट-शेख शकील
Omkareshwar: सावन माह के अंतिम सोमवार को भगवान श्री ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की पारंपरिक महासवारी पूरे धार्मिक वैभव और उत्साह के साथ निकाली जाएगी. चांदी की भव्य पालकी में विराजमान भगवान नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे. नगर के विभिन्न स्थानों पर भक्त गुलाब के फूलों और गुलाल की वर्षा कर भोलेनाथ का स्वागत करेंगे.
महासवारी दोपहर 2 बजे श्री ओंकारेश्वर मंदिर से प्रारंभ होगी. सबसे पहले कोटितीर्थ घाट पर भगवान का दूध, दही, शहद, मिश्री, भांग, मक्खन एवं भस्म से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के घाट पर भी मंदिर के पंडित-पुजारियों द्वारा विशेष पूजन-अर्चन संपन्न होगा.
शिवपुरी बाजार होते हुए देर रात मंदिर पहुंचेगी सवारी
सभी धार्मिक अनुष्ठानों के बाद दोनों ज्योतिर्लिंगों की पालकियां नर्मदा नदी में नौका विहार करते हुए शाम करीब 4 बजे गोमुख घाट पहुंचेंगी. यहां हजारों श्रद्धालु गुलाब के फूल एवं गुलाल की वर्षा कर भगवान का भव्य स्वागत करेंगे. इसके बाद भगवान की सवारी नगर भ्रमण पर निकलेगी. शाम 5 बजे ममलेश्वर मंदिर, 5:30 बजे श्री गजानन भक्त निवास, 6:30 बजे बालवाड़ी, 7:30 बजे पुराना बस स्टैंड, 8:30 बजे मुख्य बाजार तथा 9:30 बजे जेपी चौक पहुंचेगी. वहां से पुराने पुल के मार्ग से शिवपुरी बाजार होते हुए देर रात मंदिर पहुंचेगी. वहीं भगवान ममलेश्वर की पालकी जेपी चौक से विष्णु मंदिर मार्ग होकर गोमुख घाट स्थित ममलेश्वर मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान का शयन होगा.
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना
महासवारी एवं अंतिम सावन सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए दर्शन, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम मंगलवार को ओमकार प्रसाद्यालय में डिप्टी कलेक्टर अरविंद चौहान ने ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट एवं नगर के निर्माण लोगों की बैठक में बताया कि भगवान की चांदी की पालकी लगभग नौ घंटे तक नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देगी.
विशेष आकर्षण का केंद्र
मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी राजा राव पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि महासवारी में भगवान नंदी, बारह ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक झांकियां, सैकड़ों ढोल, श्याम मंगलम बैंड, भजन मंडलियां, आदिवासी सांस्कृतिक दल, घोड़े, बग्घियां तथा भगवान शिव की बारात की झलकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी. शिवगण एवं भूत-प्रेत के वेश में कलाकार भी श्रद्धालुओं का मन मोहेंगे.
पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. थाना प्रभारी ने बताया कि ओंकारेश्वर सहित प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा. श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए खंडवा के साथ-साथ खरगोन, बड़वानी और धार जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है.
नर्मदा नगर एसडीओपी मनोहर गवली ने बताया कि महासवारी के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. नर्मदा नदी में केवल मंदिर ट्रस्ट द्वारा भगवान की पालकी का नौका विहार कराया जाएगा तथा जलमार्ग की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी. महासवारी को लेकर ओंकारेश्वर नगर पूरी तरह शिवमय वातावरण में रंगने लगा है. प्रशासन को उम्मीद है कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के दर्शन के लिए आ सकते हैं.
ये भी पढे़ं- इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर कवायद तेज, सांसद शंकर लालवानी बोले- सिंहस्थ को देखते हुए बेहद जरूरी