अवंतिका के परिवार में पहले से तीन डॉक्टर, NEET छात्रा की तीसरी मंजिल से गिरकर हुई थी मौत; उमंग सिंघार ने परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

20 वर्षीय अवंतिका मौर्य पिछले तीन वर्षों से इंदौर में अपनी बड़ी बहन के साथ रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी. गुरुवार रात वह अपनी चचेरी बहन से मोबाइल पर बात करते हुए बालकनी में चली गई, जहां से संदिग्ध अवस्था में नीचे गिर गई.
NEET student died under suspicious circumstances.

नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

Input- जफर अली

MP News: धार जिले के गंधवानी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बलवारी खुर्द की रहने वाली नीट अभ्यर्थी अवंतिका मौर्य की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. तीसरी मंजिल से गिरने के बाद इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव व छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंदौर में बहन के साथ रहकर कर रही थी तैयारी

जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय अवंतिका मौर्य पिछले तीन वर्षों से इंदौर में अपनी बड़ी बहन के साथ रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी. गुरुवार रात वह अपनी चचेरी बहन से मोबाइल पर बात करते हुए बालकनी में चली गई, जहां से संदिग्ध अवस्था में नीचे गिर गई. गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

डॉक्टर बनने का था सपना

परिजनों के मुताबिक, अवंतिका का सपना एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का था. उसके परिवार में तीन सदस्य पहले से डॉक्टर हैं. वह पहले भी नीट परीक्षा में शामिल हो चुकी थी. इस वर्ष उसका प्रवेश फार्मेसी कॉलेज में कराया गया था, लेकिन वह भविष्य में डॉक्टर बनने की कोशिश जारी रखना चाहती थी.

अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य खरगोन जिले के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं. उन्होंने बताया कि घटना के समय वे इंदौर में ही थे. सूचना मिलते ही वे तत्काल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने कहा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच पुलिस कर रही है और परिवार भी वास्तविक कारण सामने आने का इंतजार कर रहा है.

मानसिक तनाव में थी अवंतिका

परिजनों का कहना है कि हाल के दिनों में अवंतिका मानसिक तनाव में नजर आ रही थी. हालांकि, उसकी मौत के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जताया शोक, 1 लाख की मदद दी

गंधवानी विधानसभा क्षेत्र की बेटी अवंतिका मौर्य के असामयिक निधन पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने डॉ. बनसिंग मौर्य को पत्र लिखकर इस घटना को अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक बताया.

उमंग सिंघार ने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अपनी ओर से 1,00,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है. पत्र में उन्होंने लिखा कि यद्यपि यह सहायता अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, तथापि यह परिवार के प्रति संवेदना एवं सहयोग का प्रतीक है. उन्होंने भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया.

परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने अपने बयान में कहा कि हाल के समय में परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव ने देश के लाखों युवाओं को चिंता और असुरक्षा के माहौल में धकेला है. यह हम सभी के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय है.

विशेषज्ञ बोले- मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी

यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी पढ़ाई विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार, शिक्षक और समाज को बच्चों पर अनावश्यक दबाव बढ़ाने के बजाय उनका भावनात्मक सहयोग करना चाहिए, ताकि वे सफलता और असफलता दोनों परिस्थितियों का संतुलित ढंग से सामना कर सकें.

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