इंदौर से स्वच्छता का पाठ सीख रही दुनिया, इटली के काउंसल ने शहर पहुंचकर देखा पूरा काम
इटली के काउंटर से मिले महापौर
Indore News: स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका इंदौर अब विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए भी अध्ययन का केंद्र बन रहा है. शहर की स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और शहरी विकास को समझने के लिए अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि इंदौर का दौरा कर रहे हैं. इसी क्रम में इटली के काउंसल जनरल वॉल्टर फरेरा अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इंदौर पहुंचे.
स्वच्छता व्यवस्था और नवाचारों का किया अवलोकन
इटली के प्रतिनिधिमंडल ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था और विभिन्न नवाचारों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर इंदौर के विकास मॉडल, मौजूदा व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की.
जनभागीदारी से बनाई स्वच्छता में पहचान
महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इंदौर ने जनभागीदारी, आधुनिक तकनीक और प्रभावी प्रबंधन को साथ लेकर स्वच्छता के क्षेत्र में यह मुकाम हासिल किया है. बैठक में सौर ऊर्जा, ठोस कचरा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था और देश के बड़े सीएनजी प्लांट सहित शहर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की गई.
तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर मंथन
भविष्य की परियोजनाओं को लेकर हुई चर्चा में इटली और इंदौर के बीच स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया. दोनों पक्षों के बीच संभावित समझौते और आगे की साझेदारी को लेकर भी बातचीत हुई.
निवेश में भी दिखाई रुचि
काउंसल जनरल वॉल्टर फरेरा ने इंदौर में निवेश की संभावनाओं को लेकर भी रुचि दिखाई. उन्होंने संकेत दिया कि यदि सहयोग की पहल आगे बढ़ती है तो इससे इंदौर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और तकनीकी साझेदारी को मजबूती मिल सकती है. महापौर ने प्रतिनिधिमंडल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा रही शहर की विकास योजनाओं से भी अवगत कराया.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी इंदौर की पहचान
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता यात्रा अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है. विदेशों से अधिकारी और विशेषज्ञ लगातार शहर पहुंचकर यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहे हैं और संभावित निवेश व सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं. इटली के प्रतिनिधिमंडल का दौरा भी इसी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि का हिस्सा है. इससे इंदौर के स्वच्छता मॉडल की वैश्विक स्तर पर पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है.