MP News: अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा की दूसरी जमानत खारिज, 10 साल से फरार थी आरोपी

मध्य प्रदेश में वन्यजीव अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की अहम सदस्य यांगचेन लाचुंगपा की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है.
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MP News: मध्य प्रदेश में वन्यजीव अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की अहम सदस्य यांगचेन लाचुंगपा की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. यह निर्णय नर्मदापुरम स्थित अपर सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनाया. यह कार्रवाई मोहन यादव के मार्गदर्शन में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है. मामले की विवेचना स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) द्वारा की जा रही है. एसटीएसएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 वर्षों से फरार चल रही आरोपी को 2 दिसंबर 2025 को भारत-चीन सीमा के पास लाचुंग (उत्तर सिक्किम) क्षेत्र से गिरफ्तार किया था. आरोपी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हुई थी

2015 का सनसनीखेज मामला

मामला वर्ष 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और पेंगोलिन के अवैध शिकार से जुड़ा है. जांच में सामने आया था कि बाघ की हड्डियां और पेंगोलिन के स्केल नेपाल के रास्ते चीन तक तस्करी किए जा रहे थे.

31 आरोपी गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क उजागर

एसटीएसएफ की जांच में अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. यांगचेन लाचुंगपा इस गिरोह की मुख्य कड़ी है, जिसका नेटवर्क भारत, भूटान और चीन तक फैला हुआ है. गिरोह की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को देखते हुए इंटरपोल द्वारा आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था.

पहले भी मिली थी जमानत, फिर हुई फरार

आरोपी को सितंबर 2017 में पहली बार गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया गया था, लेकिन अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गई थी. वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी.

हाल ही में आरोपी ने नर्मदापुरम के अपर सत्र न्यायालय में दूसरी जमानत याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने एसटीएफ की विवेचना, अभियोजन पक्ष की दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए निरस्त कर दिया.

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