Jabalpur Bargi Dam Incident: बरगी डैम ट्रेजेडी का नया वीडियो आया सामने, डूबते क्रूज से जान बचाते दिखे टूरिस्ट

Jabalpur Bargi Dam Incident: नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का कहना है कि यह हादसा नहीं है बल्कि पर्यटकों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया है. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाचपांडे ने खुलासा करते हुए बताया कि बरगी बांध में क्रूज संचालन के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों कोई जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं.
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जबलपुर क्रूज हादसे का नया वीडियो आया सामने

Jabalpur Bargi Dam Incident: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के जख्म अभी भी हारे हैं. इस घटना को भले ही एक हफ्ते का वक्त गुजर गया है लेकिन घटना के दिन के वीडियो आज भी सामने आ रहे हैं. इन वीडियो में साफ नजर आ रहा है की किस तरह से पर्यटक अपनी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.

41 सेकेंड का वीडियो आया सामने

30 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे बरगी डैम के बैक वाटर में जब क्रूज डूबा तो उसे वक्त उन 41 पर्यटकों की आंखों के सामने मौत तांडव कर रही थी. पर्यटक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे. बरगी बांध में चल रही तेज हवाएं और ऊंची उठती पानी की लहरों ने चंद सांसों के बीच की दूरी को खत्म करने की कोशिश की और पर्यटक उस कोशिश को नाकाम करने में जुटे हुए थे 41 पर्यटक.
41 सेंकेंड के एक वीडियो में वह मंजर जो भी दिख रहा है जिससे देखकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे. पानी में क्रूज तो पूरी तरीके से डूब चुका है लेकिन पानी में तैरते लोग साफ नजर आ रहे हैं जो लोग लाइव जैकेट पहने हैं. वह पानी में तैर रहे हैं लेकिन इस दौरान क्रूज के केबिन में फंसी जिंदगियां दम तोड़ रही थी.

मिनी क्रूज से 8 जिंदगियां बचाई गईं

क्रूज से डूबे लोगों को बचाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की एक मिनी क्रूज भी नजर आ रही है जो तेज हवाओं और लहरों के बीच डामाडोल हो रही है. उस मिनी क्रूज को देखकर लगता है कि शायद वह भी चंद सेकेंड में डूब जाती लेकिन उसी मिनी क्रूज की मदद से आठ लोगों की जिंदगियां बचाई गई है. इधर, बरगी डैम क्रूज हादसे को लेकर जबलपुर शहर की जनता में आक्रोश नजर आ रहा है. जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया.

‘पर्यटकों की जिंदगी से खिलवाड़’

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का कहना है कि यह हादसा नहीं है बल्कि पर्यटकों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया है. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ पीजी नाचपांडे ने खुलासा करते हुए बताया कि बरगी बांध में क्रूज संचालन के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों कोई जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं.

एक इंजन पर काम कर रहा था क्रूज

दरअसल, एनजीटी के आदेशों के मुताबिक क्रूज और नाव संचालन के लिए 4 स्ट्रोक इंजन की जरूरत होती है. बिना फोर स्ट्रोक इंजन के क्रूज को संचालित नहीं किया जा सकता है लेकिन फिर भी एमपीटी प्रबंधन ने बिना फोर स्ट्रोक इंजन के बिना ही क्रूज का संचालन जारी रखा. वही क्रूज में जब केवल एक ही इंजन काम कर रहा था तो फिर उसे आखिरकार पानी में क्यों उतर गया क्यों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया.

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प्रदर्शन कर रहे नाराज लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर क्रूज नष्ट करने के लिए भी सवाल उठाए हैं. प्रदर्शनकरियों का कहना है कि सबूत को खत्म करने के लिए क्रूज को जल्दबाजी में नष्ट किया गया है. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका भी दायर की जाएगी और मृतकों के लिए न्याय की मांग की जाएगी.

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