Seoni News: बरघाट जनपद पंचायत में CEO और अध्यक्ष के बीच विवाद, बैठक का वीडियो वायरल
जनपद पंचायत में CEO और अध्यक्ष का बिवाद हुआ
इनपुट-संजीव क्रेडिया
Seoni News: जिले की बरघाट जनपद पंचायत एक बार फिर सुर्खियां बटोर रही है. सुर्खियों में जनपद पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत सीईओ चर्चा हो रही है. इस समय बरघाट जनपद पंचायत की बैठक के दौरान जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रतिभा परते और जनपद अध्यक्ष आभा राहांगडाले के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
जानिए क्या है पूरा मामला?
वीडियो में साफ साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जनपद पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत सीईओ मैडम किस तरह का वाद विवाद हो रहा है. हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में किसी सक्षम प्रशासनिक अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत की बैठक में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से जुड़े एक मुद्दे पर चर्चा चल रही थी. इसी दौरान किसी विषय को लेकर जनपद अध्यक्ष और सीईओ के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. वायरल वीडियो में दोनों अधिकारियों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.
CEO प्रतिभा परते पर अभद्र व्यव्हार का आरोप
वायरल वीडियो के साथ यह भी दावा किया जा रहा है कि बैठक के दौरान सीईओ प्रतिभा परते द्वारा जनपद अध्यक्ष के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. वहीं यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि विवाद के बाद जनपद अध्यक्ष के चैंबर में ताला लगवा दिया गया. हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि जनसुनवाई के दौरान जनता की समस्याओं को लेकर जनपद अध्यक्ष आभा राहांगडाले कार्यालय पहुंची थीं. इसी दौरान सीईओ और अध्यक्ष के बीच विवाद की स्थिति बन गई. विवाद के बाद अध्यक्ष के चैंबर में ताला लगाए जाने की चर्चा ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक तूल दे दिया.
जनपद अध्यक्ष ने कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की
इस मामले को लेकर जनपद अध्यक्ष श्रीमती आभा राहांगडाले ने जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. मामले के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. कई लोग इसे जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का उदाहरण बता रहे हैं.
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सभी की निगाहें जांच पर टिकी है
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अब सभी की निगाहें कलेक्टर स्तर पर होने वाली जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है.